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    हरियाणा में शिवरात्रि पर पसरा मातम, मां-बेटे और फौजी समेत 7 कांवड़ियों की मौत; शिविर में विश्राम के बाद नहीं खुलीं आंखें 

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 11:25 PM (IST)

    शिवरात्रि के दौरान हरियाणा में पांच अलग-अलग घटनाओं में मां-बेटे समेत सात कांवड़ियों की जान चली गई। इनमें सड़क हादसे, करंट लगने और अचानक तबीयत बिगड़ने ...और पढ़ें

    हरियाणा में 7 कांवड़ियों की मौत, कांवड लेकर जा रहे श्रद्धालु। फोटो जागरण

    हरियाणा में 7 कांवड़ियों की मौत, कांवड लेकर जा रहे श्रद्धालु। फोटो जागरण

    HighLights

    1. यमुनानगर के मां-बेटे समेत सात कांवड़ियों की दुखद मौत।

    2. सड़क हादसे, करंट और तबीयत बिगड़ने से गई जान।

    3. हिसार, पानीपत, रोहतक, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर से जुड़े मामले।

    जागरण टीम, हिसार/पानीपत। एक ओर मंगलवार को भोले बाबा प्रिय उत्सव शिवरात्रि पूरी धूमधाम से मनाया जा रहा था, वहीं प्रदेश के कई घरों में आज मातम छाया रहा। कारण, सोमवार रात और मंगलवार सुबह पांच घटनाओं में मां-बेटे समेत सात कांवड़ियों की जान चली गई।

    इनमें हिसार का एक, पानीपत का एक, रोहतक का एक, कुरुक्षेत्र जिले का एक और यमुनानगर जिले के मां-बेटा शामिल हैं। कोई दौड़ते हुए जिंदगी की जंग हार गया, किसी की शिविर में विश्राम के बाद आंख ही नहीं खुली, किसी की करंट से तो किसी की सड़क हादसे में सांसें थम गई।

    पानीपत के कांवड़िये की उत्तर प्रदेश के शामली, यमुनानगर के मां-बेटे की सहारनपुर और कुरुक्षेत्र की किशोरी की मुजफ्फरनगर में हुए हादसे में मौत हो गई। पानीपत के समालखा के कांवड़िये की मौत बाइक पर बैठने के दौरान स्वास्थ्य बिगड़ने से हो गई।

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    ट्रक ने बाइक को मारी टक्कर, मां-बेटे की मौत

    उधर, यमुनानगर के रादौर में शिविर में विश्राम के दौरान शाहाबाद के कांवड़िये की जान चली गई। सहारनपुर में यमुनानगर के गांव रादौरी के 17 वर्षीय पीयूष बाइक पर अपनी मां 35 वर्षीय संजना के साथ बाइक पर हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे थे।

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    मंगलवार सुबह 10 बजे भगवानपुर रोड पर गांव नागल अहीर के पास पीछे से डाक कांवड़ियों के ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। दोनों की उपचार के दौरान देहरादून के अस्पताल में मौत हो गई।

    मुजफ्फरनगर में दिल्ली-रुड़की हाईवे पर कुरुक्षेत्र निवासी कांवड़ लेकर आ रहे बाइक सवार दादा-पोती को कैंटर ने टक्कर मार दी। हादसे में 16 वर्षीय पोती शिवानी की मौत हो गई।

    दौड़ते हुए कांवड़िये की तबीयत बिगड़ी, मौत

    समालखा के 17 वर्षीय पवन उर्फ शुक्ला की डाक कांवड़ के दौरान दौड़ने के बाद बाइक पर बैठते समय हालत बिगड़ गई, और वह शामली में शिव चौक के पास जमीन पर गिर गया।

    वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां पर चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। वह जूस की दुकान पर काम करता था। मंगलवार को हरिद्वार से डाक कांवड़ में गंगाजल लेकर लौट रहा था। दोपहर करीब सवा दो बजे जब उनका जत्था शहर के शिव चौक से होकर गुजर रहा था, तब पवन दौड़ लगा रहा था। इसके बाद उसने जल अन्य कांवड़िये को दिया और वह बाइक पर बैठने लगा।

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    पवन को पड़ता था दौरा

    इसी दौरान उसकी तबीयत बिगड़ी और वह बाइक पर नहीं बैठ पाया और जमीन पर गिर गया। पुलिसकर्मियों ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां पर तैनात डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। साथियों ने बताया कि पवन को दौरा पड़ता था।

    हालांकि यात्रा के दौरान उसे कहीं भी दिक्कत नहीं हुई थी। डाक्टर का कहना है कि मौत का कारण हार्ट फेल होना हो सकता है। उधर, हरिद्वार से लौट रहे शाहाबाद के गांव तंगौर निवासी कांवड़िये गुरमीत की शिविर में हृदय गति रुकने से मौत हो गई।

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    झूला कांवड़ चढ़ाकर उतर रहे कांवडिये की करंट से मौत

    हिसार में वन विभाग की आवासीय कालोनी स्थित शिव मंदिर में मंगलवार सुबह पांच बजकर 20 मिनट पर शिवालय पर झूला कांवड़ चढ़ाकर नीचे उतर रहे 32 साल के कांवड़िये की करंट लगने से मौत हो गई।

    मूल रूप से बधावड़ गांव के रहने वाले वन विभाग से चालक के पद से सेवानिवृत्त ओमप्रकाश ने बताया कि परिवार काफी समय से शिव नगर में रहता है। छोटा बेटा मुकंदी शहर के एक निजी अस्पताल में अकाउंट का काम करता था। वह एक अगस्त को अपने तीन दोस्तों मनोज, कपिल और अजीत के साथ झूला कांवड़ लेने हरिद्वार गया था।

    सोमवार शाम साढ़े छह बजे यहां पहुंचे थे। रात को मंदिर में ही रुके। सुबह जल चढ़ाने के बाद वह और उसका दोस्त मनोज शिवालय पर झूला कांवड़ चढ़ाने छत पर गए। इसी दौरान लोहे की ग्रिल के पास से गुजर रही बिजली की लाइन पर मुकंदी का पांव पड़ गया। करंट के झटके से वह स्टोर की छत पर गिर गया। उसे शहर के निजी अस्पताल में लेकर गए तो वहां उसकी मौत हो गई।

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    डाक कांवड़ लाते फौजी की मौत

    एक अन्य घटना का संबंध रोहतक से है। जिले के गांव मायना 30 वर्षीय सचिन पंघाल भारतीय सेना में मेघालय के शिलांग में तैनात थे। 25 जुलाई को छुट्टी लेकर घर आए। उन्हें 22 अगस्त को वापस जाना था।

    इसी बीच वह दोस्तों के साथ डाक कांवड़ लाने हरिद्वार चले गए। कांवड़ लाते समय रात को मुज्जफरनगर के पास दौड़ते समय उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद वह गाड़ी में लेट गए। जब वह नहीं उठे तो उन्हें रोहतक के पीजीआइएमस में लाया गया। जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शिवाजी कालोनी थाना प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि मामला हार्ट अटैक से जुड़ा था।