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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    झज्‍जर में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, किसान का लाखों का सामान जलकर हुआ राख

    By Manoj KumarEdited By:
    Updated: Wed, 21 Sep 2022 10:40 AM (IST)

    गांव दुबलधन के एक किसान का लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया। किसान ने पड़ोसियों की मदद से आग को बुझाने का काफी प्रयास किया। मगर तब तक आग फैल चुकी ...और पढ़ें

    झज्‍जर में 24 क्विंटल सरसों, 42 कट्टे डीएपी सहित अन्य कीमती सामान आया आग की चपेट में
    झज्‍जर में 24 क्विंटल सरसों, 42 कट्टे डीएपी सहित अन्य कीमती सामान आया आग की चपेट में

    संवाद सूत्र, बेरी : बिजली के शॉर्ट सर्किट होने से निकली चिंगारी से गांव दुबलधन के एक किसान का लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया। किसान ने पड़ोसियों की मदद से आग को बुझाने का काफी प्रयास किया। मगर तब तक आग फैल चुकी थी। उसके बाद फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी गई। तब जाकर कहीं आग को काबू में पाया गया। वहीं, इस हादसे में किसान को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है।

    पाना विध्यान निवासी अनिल पुत्र रोहतास के चाचा ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार रात करीब 10 बजे घर में लगे बिजली के मीटर के साथ में शॉर्ट सर्किट होने पर निकलने वाली चिंगारी कपड़ों में जा गिरी और आग लग गई। जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय अनिल अपने परिवार के सदस्यों के साथ ऊपर चौबारे में सो रहा था।

    अनिल एकदम से कुछ समझ पाता तब तक आग पूरे घर में फैल चुकी थी। इस दौरान परिवार के सदस्यों व पड़ोसियों ने आग को काबू करने के लिए काफी कोशिश की। लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। उसके बाद पुलिस एवं अग्निशमन विभाग झज्जर को फोन पर सूचित किया गया। तब जाकर कहीं आग को बुझाया गया।

    2 घंटे बाद आग को किया काबू

    फायर ब्रिगेड को भी आग बुझाने में काफी समय लगा। फायर ब्रिगेड ने लगभग 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाने में सफलता हासिल की। मगर तब तक किसान को लाखों रुपए का नुकसान हो चुका था। अनिल ने सरसों का स्टॉक भी लगा रखा था। वह भी इस आग की चपेट में आ गया।

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    यह सामान जलकर हुआ राख

    जानकारी के अनुसार आग में 24 क्विंटल सरसों , सुपर सीडर मशीन ,पाइप ,इनवर्ट बैटरी ,पानी की टंकी ,प्लास्टिक के तेल के लिए उपयोग बैरियल, त्रिपाल, 42 कट्टे डीएपी सहित अन्य कीमती सामान जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने कहा कि पीड़ित किसान को प्रशासन की तरफ से मुआवजे के तौर पर आर्थिक मदद करनी चाहिए।