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    हरियाणा में सब्जी में निकला छिपकली का बच्चा, परिवार के 4 लोग पहुंचे अस्पताल

    Updated: Sat, 27 Jun 2026 09:30 PM (IST)

    झज्जर की जय हिंद कॉलोनी में एक परिवार के खाने की सब्जी में छिपकली का बच्चा मिलने से हड़कंप मच गया। चार सदस्यों ने खाना खा लिया था, जिन्हें घरेलू उपाय ...और पढ़ें

    जय हिंद कालोनी में भोजन की सब्जी में निकला छिपकली का बच्चा, एक ही परिवार के चार लोग अस्पताल पहुंचे।

    जय हिंद कालोनी में भोजन की सब्जी में निकला छिपकली का बच्चा, एक ही परिवार के चार लोग अस्पताल पहुंचे।

    HighLights

    1. झज्जर में सब्जी में छिपकली का बच्चा मिलने से हड़कंप

    2. एक ही परिवार के चार सदस्य अस्पताल में भर्ती

    3. घरेलू उपचार से बचें, तुरंत अस्पताल जाने की सलाह

    जागरण संवाददाता, झज्जर। शहर की जय हिंद कालोनी में एकाएक उस समय हड़कंप मच गया, जब एक प्रवासी श्रमिक परिवार द्वारा बनाए गए भोजन की सब्जी में छिपकली का बच्चा निकल आया। बर्तन में सब्जी का स्तर कम होने पर यह घटनाक्रम संज्ञान में आया, जिससे परिवार में हड़कंप मच गया। सावधानी के तौर पर जिन लोगों ने भोजन कर लिया था, उन्हें तुरंत सामान्य अस्पताल लाया गया।

    शिल्पा पत्नी राजीव ने बताया कि उन्होंने घर में सब्जी और रोटी बनाई थी। खाना तैयार होने के बाद उनकी सास प्रेमा देवी (70 वर्ष), बेटे जीतू (15 वर्ष), कर्ण (6 वर्ष) और बेटी अंजली (5 वर्ष) भोजन कर चुके थे।

    इसके बाद जब वह अपने पति राजीव को खाना परोसने लगीं, तो सब्जी में छिपकली का बच्चा दिखाई दिया। यह देखकर परिवार के होश उड़ गए। जिन तीन सदस्यों ने भोजन नहीं किया था, उन्होंने खाना छोड़ दिया और बचे हुए भोजन को नाले में फेंक दिया।

    घरेलू उपाय के चक्कर में बिगड़ी बात, अस्पताल से मिला उपचार

    शिल्पा ने बताया कि घटना के बाद घबराहट में पड़ोस की एक महिला की सलाह पर उन्होंने घरेलू उपाय के तौर पर उल्टी कराने के लिए बच्चों को डिटर्जेंट पाउडर मिला पानी तक पिला दिया। इसके बाद वे तुरंत चारों को लेकर सामान्य अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सकों ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए सभी का स्वास्थ्य परीक्षण किया और प्राथमिक उपचार दिया।

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    हालांकि, चिकित्सकों ने सभी को करीब छह घंटे तक विशेष निगरानी में रखने के बाद पूरी तरह सुरक्षित होने पर घर भेज दिया। साथ ही तीमारदारों को सलाह दी कि वे अगले छह घंटे तक मरीजों की देखरेख करें और कोई भी परेशानी होने पर उन्हें तुरंत वापस अस्पताल लेकर आएं। बताते है कि परिवार सकुशल है, उन्हें अभी तक चिकित्सीय परामर्श की आवश्यकता नहीं पड़ी।

    विशेषज्ञ की सलाह: स्थिति विषम होने पर खुद न करें उपचार, सीधे अस्पताल आएं

    आइएमए के अध्यक्ष डॉ. राकेश गर्ग के मुताबिक, भोजन में छिपकली या कोई अन्य जहरीला जीव मिलने पर घबराहट में कभी भी खुद से घरेलू उपचार (जैसे डिटर्जेंट, साबुन या नमक का पानी पिलाना) करने की कोशिश न करें।

    यह तरीके स्थिति को और अधिक गंभीर या जानलेवा बना सकते हैं। यदि ऐसी कोई भी विषम परिस्थिति या फूड पाइजनिंग की आशंका होती है, तो बिना समय गंवाए मरीज को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल लेकर आएं, ताकि चिकित्सकों की देखरेख में सही और सुरक्षित इलाज मिल सके।