जन्मदिन पर ओलिंपियन अमन सहरावत का गोल्डेन दांव, बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज में जीता स्वर्ण पदक; जीत को बताया सबसे बड़ा उपहार
पहलवान अमन सहरावत ने अपने जन्मदिन पर बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज 2026 में पुरुषों के 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। ...और पढ़ें

जन्मदिन पर ओलिंपियन अमन सहरावत ने जीता स्वर्ण पदक। फोटो जागरण
HighLights
अमन सहरावत ने बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज में स्वर्ण पदक जीता।
अपने जन्मदिन के खास मौके पर देश को दिया स्वर्ण पदक उपहार।
यह जीत उनके जीवन का सबसे यादगार पल और बड़ा उपहार बताया।
विक्की जाखड़, साल्हावास (झज्जर)। क्षेत्र के बिरोहड़ गांव के होनहार पहलवान एवं पेरिस ओलिंपिक के कांस्य पदक विजेता अमन सहरावत ने अपने जन्मदिन के खास मौके पर देश को स्वर्ण पदक का ऐतिहासिक उपहार दिया है।
अमन ने बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज 2026 में पुरुषों के 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली इस स्वर्णिम सफलता को अमन ने अपने जीवन का सबसे यादगार पल और अब तक का सबसे बड़ा जन्मदिन का उपहार बताया है।
तकनीकी श्रेष्ठता के दम पर विपक्षियों को चटाई धूल
22 वर्षीय युवा पहलवान अमन सहरावत ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान जबरदस्त आक्रामकता और उच्च तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया। उन्होंने पहले दौर में जॉर्जिया के निकोलोज बोचोरिशविली को 10-0 से, क्वार्टर फाइनल में कजाकिस्तान के मीरामबेक कार्तबे को 10-3 से तथा सेमीफाइनल में मौजूदा यूरोपीय चैंपियन अजरबैजान के इस्लाम बाजारगानोव को 11-0 से हराकर एकतरफा अंदाज में फाइनल का टिकट कटाया।
खिताबी मुकाबले में भी अमन ने जॉर्जिया के रॉबर्टी डिंगाशविली पर शुरू से ही शिकंजा कसे रखा और 13-3 के बड़े अंतर से तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया।
स्वर्ण पदक की जीत को बताया जीवन का सबसे बड़ा उपहार
ओलिंपियन अमन सहरावत ने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से बुडापेस्ट में मिली ऐतिहासिक जीत पर अपनी भावनाएं साझा की हैं। उन्होंने अपने जन्मदिन के दिन स्वर्ण पदक जीतने को जीवन का सबसे यादगार पल और अब तक का सबसे बड़ा उपहार बताया। अमन ने लिखा कि यह पदक उनके और सपोर्ट स्टाफ की कड़ी मेहनत, धैर्य व अनुशासन का परिणाम है।
उन्होंने हर कदम पर हौसला बढ़ाने के लिए समर्थकों, परिवार और कोच का आभार व्यक्त किया। इस जीत को देश को समर्पित करते हुए उन्होंने भविष्य में भी देश का मान बढ़ाने का संकल्प लिया। अमन की इस शानदार उपलब्धि पर उनके पैतृक गांव बिरोहड़ सहित पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल है।
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साथ ही उन्हें इंटरनेट मीडिया पर शुभकामनाएं भी मिल रही हैं। बता दें कि बिरोहड़ में जन्मे अमन ने दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में कड़ा अभ्यास कर यह मुकाम हासिल किया है। वे देश के सबसे युवा व्यक्तिगत ओलिंपिक पदक विजेता होने के साथ-साथ भारत के पहले अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियन भी हैं।