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    खेतों में बिजली संकट पर किसानों का फूटा गुस्सा, काफी देर तक जींद-सफीदों रोड रखा जाम; SDO ने दिया आश्वासन

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 04:32 PM (IST)

    जींद के बुढ़ा खेड़ा गांव में किसानों ने खेतों में बिजली कटौती के विरोध में जींद-सफीदों मार्ग जाम कर दिया। बिजली विभाग के एसडीओ ने एक सप्ताह में समस्या ...और पढ़ें

    खेतों में बिजली संकट पर किसानों का फूटा गुस्सा। फोटो जागरण

    खेतों में बिजली संकट पर किसानों का फूटा गुस्सा। फोटो जागरण

    HighLights

    1. बुढ़ा खेड़ा के किसानों ने बिजली कटौती के खिलाफ प्रदर्शन किया।

    2. जींद-सफीदों मार्ग पर सवा घंटे तक जाम लगाया गया।

    3. एसडीओ ने एक सप्ताह में सीधी बिजली आपूर्ति का आश्वासन दिया।

    संवाद सूत्र, सफीदों (जींद)। उपमंडल के गांव बुढ़ा खेड़ा में खेतों में बिजली आपूर्ति बाधित होने से नाराज किसानों ने बुधवार को जींद-सफीदों मार्ग पर जाम लगा दिया। करीब सवा घंटे तक लगे जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गईं और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

    जाम की सूचना मिलते ही सफीदों सदर थाना प्रभारी राजेश कुमार और पिल्लुखेड़ा थाना प्रभारी विजय अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया।

    गांव के किसान पिछले एक सप्ताह से खेतों में पर्याप्त बिजली आपूर्ति न मिलने से परेशान थे। धान की रोपाई के बाद पानी की अत्यधिक आवश्यकता होती है। लेकिन बिजली कटौती के कारण किसान समय पर सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। वर्षा भी नहीं हो रही है। जिससे फसल सूखने की कगार पर पहुंच रही है।

    इसी समस्या के विरोध में बुधवार को किसानों ने सड़क को जाम कर दिया। किसानों ने अधिकारियों को बताया कि जब भी रजाना खुर्द, रजाना कलां, लुदाना या पिल्लूखेड़ा क्षेत्र में कोई फाल्ट आता है, तो उनकी बिजली सप्लाई भी बंद कर दी जाती है, जिससे उन्हें बार-बार परेशानी झेलनी पड़ती है।

    किसानों की मुख्य मांग बिजली सप्लाई को खेड़ी पावर हाउस से हटाकर सीधे बुढ़ा खेड़ा के 33 केवीए पावर हाउस से जोड़ने की है। ताकि अन्य गांवों में फाल्ट होने पर उनकी बिजली बाधित न हो। मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर बिजली निगम एसडीओ पवन कुमार मौके पर पहुंचे।

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    एसडीओ ने किसानों को आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर उनकी बिजली लाइन को बुढ़ा खेड़ा के 33 केवीए पावर हाउस से जोड़ दिया जाएगा। जिससे भविष्य में इस तरह की समस्या नहीं आएगी।

    एसडीओ के आश्वासन के बाद किसानों ने जाम खोल दिया और यातायात सुचारू हो सका। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि तय समय में समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।