यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Haryana News: किसानों के साथ पंजीकरण के नाम पर बड़ा घोटाला, 'फर्जी किसान पोर्टल' बना कर रहे ये काम
Haryana कैथल में आयोजित में हुए भारतीय किसान यूनियन की बैठक में युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना ने खट्टर सरकार से अपील करते हुए कहा कि मेरी फसल मेरा ...और पढ़ें

HighLights
- किसानों के साथ पंजीकरण के नाम पर बड़ा घोटाला
- हरियाणा के असली किसानों की झोली रहती खाली
- फर्जी किसान को प्रति क्विंटल 300 से 500 रुपये
संवाद सूत्र, कैथल। भारतीय किसान यूनियन (Bhartiya Kisan Union) की बैठक युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना (Vikram Kasana) एडवोकेट की अध्यक्षता में हुई। कसाना ने कहा कि पूरे हरियाणा (Haryana News) में पीआर धान की सरकारी खरीद की आड़ में किसानों व सरकार को चूना लगाने के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा के फर्जी पंजीकरण का बड़ा घोटाला (Big Scam) सामने आया है।
इसमें वास्तविक रूप से खेती कर रहे किसानों के बराबर फर्जी किसानों को पोर्टल पर आवेदक बनाया गया है। कसाना ने कहा कि किसानों का कहना है कि उत्तर प्रदेश (UP News), बिहार (Bihar News) व अन्य राज्यों से सस्ते दाम पर खरीदी गई धान को हरियाणा के शहरों में पहुंचाने के लिए राज्य के किसानों के समानांतर फर्जी किसान पोर्टल (fake farmer portal) पर खड़े किए जा रहे हैं।
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हरियाणा के असली किसानों की झोली रहती खाली
फर्जी किसान को प्रति क्विंटल 300 से 500 रुपये कमीशन दिया जाता है। इसी तरह इस खेल में शामिल अन्य लोग अपनी जेब भरते हैं। जबकि वास्तव में फसल पैदा करने वाले हरियाणा के किसानों की झोली खाली रह जाती है। पिछली बार भी इसी नाम पर फर्जी गेट पास घोटाले को अंजाम दिया गया था।
सरकार इस पर दें ध्यान
उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी किसानों के नाम, मोबाइल नंबर और दूसरी जानकारी पोर्टल में अंकित है। जब वे इस विवरण को ठीक करवाने के लिए आपत्ति दर्ज करवाते हैं तो ओटीपी फर्जी किसान के पास चला जाता है, इसलिए समस्या का हल नहीं हो पा रहा। सरकार को इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है।