कैथल में गोत्र विवाद में फंसी शादी, ग्रामीणों ने दूल्हा-दुल्हन को गांव में घुसने से रोका; रिश्तेदारी में रहने को मजबूर
कैथल के राजौंद में एक शादी गोत्र विवाद में फंस गई, जहां दुल्हन को ससुराल में प्रवेश करने से रोका गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दुल्हन दूल्हे के ही ग ...और पढ़ें
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कैथल में गोत्र विवाद में फंसी शादी, डीएसपी वीरभान को मिली शिकायत। फोटो जागरण
HighLights
कैथल के राजौंद में गोत्र विवाद में फंसी शादी।
ग्रामीणों ने दुल्हन को ससुराल में प्रवेश करने से रोका।
पुलिस और पंचायत के बाद अब पीड़िता ने न्याय मांगा।
जागरण संवाददाता, कैथल। राजौंद में दोनों परिवारों की रजामंदी से हुई शादी गोत्र विवाद में उलझ गई। करीब एक माह पहले पानीपत की युवती विवाह के बाद कैथल के राजौंद क्षेत्र स्थित अपने ससुराल पहुंची, लेकिन उसका गृह प्रवेश नहीं हो सका।
आरोप है कि आधी रात गांव से करीब 100 मीटर पहले करीब 150 ग्रामीणों की भीड़ ने दूल्हा-दुल्हन की गाड़ी रोक ली और गांव में प्रवेश करने से मना कर दिया। विरोध करने वालों का कहना था कि दुल्हन गांव के ही गोत्र की है, इसलिए उसे गांव की बहू के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
दुल्हन का आरोप है कि भीड़ में मौजूद कुछ लोगों के हाथों में लाठियां, गंडासी और अन्य हथियार थे। आरोप है कि एक व्यक्ति ने गाड़ी पर पिस्तौल तानते हुए चेतावनी दी कि यदि किसी ने गांव में प्रवेश करने की कोशिश की तो गाड़ी समेत जिंदा जला दिया जाएगा।
दोनों पक्षों की हुई थी पंचायत
हालात बिगड़ते देख चालक तुरंत गाड़ी वापस लेकर चला गया। बता दें कि दोनों की शादी 29 जून 2026 को हुई थी। गांव में प्रवेश न करने पर दूल्हा-दुल्हन अपने रिश्तेदारों के यहां रह रहे हैं। उस समय पुलिस में भी शिकायत दी थी, इसके बाद दोनों पक्षों की पंचायत हुई थी।
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पुलिस के अनुसार आपसी समझौता होने पर दूल्हा-दुल्हन पानीपत में रहने के लिए राजी हो गए थे। शादी के एक माह से भी ज्यादा समय के बाद फिर से यह मामला सुर्खियों में आ गया है।
गोत्र की लड़की को बहू नहीं मानेंगे
पीड़िता के अनुसार, विरोध कर रहे ग्रामीणों ने कहा कि तुम हमारे गोत्र की लड़की को ब्याह कर ले आए हो, अब इसे बहन कहें या भाभी? इस धमकी के बाद दंपती गांव में प्रवेश नहीं कर सका और तब से रिश्तेदारों के यहां रहने को मजबूर है। दूल्हे के पिता ने बेटे और बहू की सुरक्षा को लेकर पुलिस के साथ-साथ बिजली मंत्री अनिल विज को भी लिखित शिकायत दी थी।
हालांकि, परिवार का आरोप है कि लगातार सामाजिक दबाव के कारण वे अब तक बहू को घर नहीं ला सके हैं। अब पीड़िता ने महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी के समक्ष शिकायत देकर सुरक्षा और न्याय की मांग की है। पीड़िता का कहना है कि विवाह से पहले भी कुछ लोग इस रिश्ते का विरोध कर रहे थे और शादी रुकवाने की कोशिश की गई थी। शादी के बाद पैदा हुए हालात से दोनों परिवार मानसिक तनाव में हैं।
पंचायती समझौता के चलते नहीं हुई थी पुलिस कार्रवाई: वीरभान
डीएसपी वीरभान ने बताया कि मामले में पहले शिकायत मिली थी। गांव में पंचायत हुई, जिसमें लड़का-लड़की के गांव से बाहर रहने का निर्णय लिया गया। पंचायत के समझौते की प्रति भी थाने में जमा कराई गई थी। इसी कारण उस समय पुलिस की ओर से कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।