करनाल में पुलिस मुठभेड़ में पकड़ा गया बदमाश अस्पताल से फरार, पुलिस विभाग में मचा हड़कंप
करनाल में पुलिस मुठभेड़ में घायल होकर पकड़ा गया बदमाश गुरजीत सिंह सरकारी अस्पताल से फरार हो गया। इस घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और सुरक्ष ...और पढ़ें
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मुठभेड़ में पकड़ा गया बदमाश अस्पताल से फरार, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप।
HighLights
मुठभेड़ में घायल बदमाश गुरजीत सिंह अस्पताल से फरार
चार पुलिसकर्मियों की निगरानी के बावजूद हुआ फरार
तरावड़ी पेट्रोल पंप लूट प्रयास का था आरोपी
जागरण संवाददाता, करनाल। मेरठ रोड स्थित आवर्धन नहर के पास पुलिस मुठभेड़ में घायल होकर पकड़ा गया शातिर बदमाश सरकारी अस्पताल से फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आरोपित पर तरावड़ी के पेट्रोल पंप पर फायरिंग और लूट के प्रयास का केस दर्ज था।
आरोपित की पहचान पंजाब के खरड़ गांव निवासी गुरजीत सिंह पुत्र प्रभजोत सिंह के रूप में हुई है। उसे सीआइए-1 की टीम ने चार दिन पहले मुठभेड़ के दौरान पकड़ा था। मुठभेड़ में आरोपी के कूल्हे के पास पैर में गोली लगी थी। मौके से पुलिस ने एक पिस्टल और बिना नंबर की बाइक भी बरामद की थी।
घायल बदमाश को इलाज के लिए करनाल के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। पुलिस को इलाज पूरा होने के बाद आरोपित को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करना था। इसके बाद रिमांड लेकर पूछताछ की तैयारी थी।
अस्पताल के कैदी वार्ड के बाहर चार पुलिसकर्मियों की गार्द तैनात थी। इसके बावजूद आरोपित देर रात करीब 12 बजे अस्पताल से फरार हो गया। जैसे ही सूचना अधिकारियों तक पहुंचीतो पुलिस टीमों को अलर्ट कर दिया गया। शहर और आसपास के इलाकों में आरोपित की तलाश शुरू कर दी गई।
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आरोपी के फरार होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि चार जवानों की निगरानी के बावजूद घायल बदमाश अस्पताल से कैसे निकल गया। फिलहाल पुलिस अधिकारी इस मामले में खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
दो मई की तड़के करीब सवा चार बजे आरोपित बिना नंबर प्लेट की काली बाइक पर सवार होकर तरावड़ी स्थित चौधरी पेट्रोल पंप पर पहुंचा था। उसने पहले 100 रुपये का पेट्रोल डलवाया और फिर अचानक सेल्समैन पर पिस्टल तान दी। गांव पड़वाला निवासी सेल्समैन सुरेश कुमार ने पुलिस को बताया कि आरोपित ने कैश निकालने की धमकी दी। इस दौरान सुरेश कुमार ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपित की पिस्टल पर हाथ मार दिया और शोर मचा दिया।
आवाज सुनकर गांव तखाना निवासी नरेश कुमार भी मौके पर पहुंच गया। दोनों ने आरोपित को पकड़ने की कोशिश की। धक्का-मुक्की के बीच आरोपित ने फायर कर दिया। गोली हवा में निकल गई और कोई घायल नहीं हुआ। वारदात के बाद आरोपित बाइक पर फरार हो गया। पूरी घटना पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी।
सूचना मिलने पर पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची थी। घटनास्थल से गोली का खोल बरामद किया गया था। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपित की तलाश में जुटी रही। करीब 23 दिन बाद गुप्त सूचना पर सीआईए-1 ने आरोपी को आवर्धन नहर के पास मुठभेड़ के दौरान काबू कर लिया था।
पुलिस के अनुसार आरोपी पर पहले से भी पांच से छह आपराधिक मामले दर्ज हैं। आशंका जताई जा रही थी कि वह किसी नई वारदात की तैयारी में था। लेकिन गिरफ्तारी के महज चार दिन बाद ही उसका पुलिस गिरफ्त से फरार हो जाना अब पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।