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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Haryana Weather Today: हरियाणा में मौसम ने ली करवट, फिर सक्रिय होगा मानसून; झमाझम बरसेंगे बदरा

    By Jagran NewsEdited By: Preeti Gupta
    Updated: Fri, 08 Sep 2023 07:55 AM (IST)

    Haryana Weather Update Today हरियाणा में बीते कई दिनों से मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई थी लेकिन एक बार फिर से अब मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम पूर्वा ...और पढ़ें

    Haryana Weather Today: हरियाणा में मौसम ने ली करवट, फिर सक्रिय होगा मानसून
    Haryana Weather Today: हरियाणा में मौसम ने ली करवट, फिर सक्रिय होगा मानसून

    HighLights

    1. हरियाणा में जल्द ही दोबारा से मानसून सक्रिय होगा।
    2. सितंबर का पहला सप्ताह सूखा गुजरा है।
    3. प्रदेश में 13 सितंबर से बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    करनाल, जागरण संवाददाता। Haryana Weather Update Today: हरियाणा में बीते कई दिनों से मानसून (Monsoon in Haryana) की रफ्तार धीमी पड़ गई थी, लेकिन एक बार फिर से अब मौसम का मिजाज बदल गया है।

    वर्तमान मानसून सीजन में इस साल के सबसे लंबे सूखे दौर के बाद अब मानसून में नए सिरे से सक्रियता (Monsoon Active) के आसार बन रहे हैं। वीरवार को राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश की शुरुआत से इसकी स्पष्ट झलक दिखाई दी। दक्षिण व दक्षिण पूर्व हरियाणा और पश्चिम व दक्षिण पश्चिम हरियाणा के कई क्षेत्रों में बादल बरसने से लोगों ने राहत महसूस हुई है।

    अब कैसा रहेगा मौसम?

    सितंबर में मानसून की आंशिक सक्रियता के बावजूद राज्य में अगले दो सप्ताह तक बारिश का स्तर सामान्य से कम ही रहने का अनुमान है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में अगले दो सप्ताह तक अधिकतम तापमान स्तर सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है। जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य के करीब बना रहने की संभावना है।

    13 सितंबर से बारिश की संभावना

    हरियाणा में मुख्य रूप से बहादुरगढ़, नारनौल, अटेली, महेंद्रगढ़, कनीना, बावल, रेवाड़ी, नूंह, पलवल, तावडू, बल्लभगढ़, गुरुग्राम, नांगल चौधरी, भद्रा, लोहारु और चरखी दादरी में मौसम ने करवट ली। पटौदी, कोसली, फरीदाबाद, जगाधरी, छछरौली आदि क्षेत्रों में आकाशीय बिजली के साथ तेज हवा चलने की स्थिति बनी है। हालांकि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार यह सिलसिला जल्द ही थमने के बाद राज्य में 13 सितंबर से एक बार फिर वर्षा गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।

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    क्यों बदला मौसम का मिजाज

    वर्तमान मौसमी प्रणाली के तहत बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती हवा का एक क्षेत्र बनकर मध्य भारत की तरफ आ गया है। मानसून एक्सिस भी पहाड़ों की गोद से उतरकर मैदानी क्षेत्रों की तरफ आ चुकी है। इसी के प्रभाव से दक्षिण हरियाणा सहित उत्तर-पूर्व व पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई दिन बाद कुछ जगह हल्की से मध्यम वर्षा की गतिविधियां देखी गई हैं। राज्य में कुछ जगह ये गतिविधियां सीमित तौर पर फिलहाल जारी रहेंगी। इसके तहत कुछ जगह गरज के साथ बिखरी हुई हल्की वर्षा गतिविधियां संभव हैं।

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    गिरेंगी तेज बौछारें

    एक-दो जगहों पर तेज बौछारें भी गिर सकती है। अन्य जिलों में बारिश की विशेष संभावना नहीं है। मौसम में आंशिक बादलाव के साथ मौसम उमस भरी गर्मी वाला ही रहेगा। इस बीच वीरवार को राज्य में सर्वाधिक 39.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।

    सामान्य बारिश स्तर में 97 प्रतिशत गिरावट

    मौसम पूर्वानुमान के अनुरूप प्रदेश में सितंबर का पहला सप्ताह बारिश की गतिविधियों के लिहाज से सूखा गुजरा। मौसम विज्ञान केंद्र की साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार एक से सात सितंबर की अवधि में राज्य के बारिश के स्तर में भारी कमी दर्ज की गई। पूरे राज्य में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहा। जबकि अधिकतम तापमान सामान्य श्रेणी में आंका गया।

    इस सप्ताह हुई 0.8 एमएम बारिश

    पूरे राज्य में इस सप्ताह महज 0.8 एमएम बारिश हुई, जो इस अवधि के सामान्य बारिश स्तर 28.5 एमएम की तुलना में 97 प्रतिशत की भारी गिरावट है। वहीं, मानसून सीजन के तहत एक जून से सात सितंबर तक राज्य में 378.8 एमएम बारिश हुई, जो इस अवधि के सामान्य वर्षा स्तर 382 एमएम की तुलना में लगभग एक प्रतिशत कम है।

    18 जिलों में सौ प्रतिशत गिरावट

    सितंबर के पहले सप्ताह राज्य के 18 जिलों में लगभग सूखे की स्थिति देखी गई। कुरुक्षेत्र, मेवात, पलवल व यमुनानगर को छोड़ दें तो राज्य के अन्य सभी जिलों में इस अवधि के सामान्य बारिश के स्तर में पूरे सौ प्रतिशत की गिरावट देखी गई। जबकि कुरुक्षेत्र में लगभग 97 प्रतिशत, मेवात में 70 प्रतिशत, पलवल में 95 प्रतिशत और यमुनानगर में 90 प्रतिशत गिरावट के साथ बारिश की गतिविधियों में बड़ी गिरावट आई।

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