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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    भारत की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री Kalpana Chawla के पिता का देहांत, वसीयत में लिखी थी ये अंतिम इच्छा

    By Gurpreet CheemaEdited By: Gurpreet Cheema
    Updated: Tue, 03 Oct 2023 02:10 PM (IST)

    भारत की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला के पिता का देहांत हो गया है। उन्होंने अपनी मृत्यु से पहले एक अंतिम इच्छा रखी थी। इस इच्छा को वे वसीयत ...और पढ़ें

    कल्पना चावला के पिता का 92 साल की उम्र में निधन,फोटो- सोशल मीडिया
    कल्पना चावला के पिता का 92 साल की उम्र में निधन,फोटो- सोशल मीडिया

    जागरण संवाददाता, करनाल। भारत की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री रहीं कल्पना चावला के पिता का आज निधन हो गया है। उन्होंने 92 साल की उम्र में करनाल के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। मृत्यु के पश्चात अंतिम इच्छा के मद्देनजर उनका देहदान कर दिया गया है। इससे पूर्व निर्मल कुटिया में पूरे परिवार और परिचितों ने माथा टेका। स्वर्गीय चावला के परिवार में बेटे संजय और पोते उदय के अलावा उनकी दो बहनें सुनीता व गीता तथा दो पोतियां भी हैं।

    बेटे के फ्लैट पर चल रहा था उपचार

    92 वर्षीय बनारसी दास चावला कुछ समय से लगातार अस्वस्थ चल रहे थे। दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे स्थित सीएचडी सिटी में अपने बेटे संजय के फ्लैट पर ही उनका उपचार चल रहा था। इसी बीच अचानक हालत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें आइटीआई चौक के पास एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बीती देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना पाते ही अस्पताल पहुंचने वालों का तांता लग गया।

    वहीं कर्ण नगरी के गणमान्य लोगों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि पूरी दुनिया में करनाल का नाम रोशन करने वाली अंतरिक्ष परी कल्पना चावला जैसी महान हस्ती के पिता स्वर्गीय बनारसी लाल चावला को हमेशा याद रखा जाएगा।

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    वसीयत में लिखी देहदान की अंतिम इच्छा

    कल्पना चावला की आरंभिक शिक्षा के साक्षी टैगोर बाल निकेतन के प्रधानाचार्य डॉ. राजन लांबा ने बताया कि स्वर्गीय चावला आजीवन समाजसेवा को समर्पित रहे। उनके प्रयासों से आज करनाल में जरूरतमंदों की मदद के कई कार्य हो रहे हैं। वहीं स्वर्गीय चावला के पोते उदय ने बताया कि दादाजी ने अपनी वसीयत में अंतिम मृत्यु उपरांत शरीर दान की इच्छा व्यक्त की थी। इसी के अनुरूप उनकी देह दान की जा रही है।

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    समाजसेवी बनारसी लाल चावला के निधन पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट करते हुए लिखा कि हरियाणा की बेटी कल्पना चावला के पिता बनारसी लाल चावला के निधन का दुखद समाचार प्राप्त हुआ।

    उन्होंने अपनी बेटी को सपने देखने व सितारों तक पहुंचने की आजादी दी, जिसने संपूर्ण विश्व में भारत का मानवर्धन किया और बाकी बेटियों के लिए प्रेरणा बनीं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोक सन्तप्त परिवार को सम्बल प्रदान करें।