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    जकार्ता में करनाल के गंगा का गोल्डन पंच, एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में लहराया तिरंगा; जीता गोल्ड मेडल

    Updated: Thu, 16 Jul 2026 08:33 PM (IST)

    करनाल के युवा बॉक्सर गंगा ने जकार्ता में आयोजित 23वीं एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता, 55 किलोग्राम भारवर्ग में कजाकिस्तान के यूथ वर्ल्ड ...और पढ़ें

    जकार्ता में करनाल के गंगा का गोल्डन पंच। फोटो जागरण

    जकार्ता में करनाल के गंगा का गोल्डन पंच। फोटो जागरण

    HighLights

    1. गंगा ने जकार्ता में एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण जीता।

    2. 55 किलोग्राम भारवर्ग में कजाकिस्तान के चैंपियन को हराया।

    3. उनका अगला लक्ष्य 2028 ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करना।

    जागरण संवाददाता, करनाल। करनाल के युवा बॉक्सर गंगा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए जकार्ता में आयोजित 23वीं एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है।

    अंडर-23 वर्ग के 55 किलोग्राम भारवर्ग में उतरे गंगा ने फाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान के यूथ वर्ल्ड चैंपियन खिलाड़ी बेक्सुलात्न बोरानबेक को मात देकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

    16 जुलाई को हुए इस मुकाबले में गंगा के शानदार प्रदर्शन ने सभी को प्रभावित किया। स्वर्ण पदक जीतने के बाद वह परसों भारत लौटेंगे। गंगा की इस उपलब्धि के पीछे वर्षों की मेहनत और संघर्ष छिपा है। उन्होंने महज आठ वर्ष की उम्र में बाक्सिंग के ग्लव्स थाम लिए थे।

    हालांकि स्कूल के दबाव के चलते उन्हें कुछ समय के लिए खेल से दूरी बनानी पड़ी, लेकिन वर्ष 2019 में उन्होंने दोबारा बाक्सिंग शुरू की और कड़ी मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय किया। इससे पहले भी गंगा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं।

    gold

    गंगा का परिवार भी खेलों से जुड़ा रहा

    उन्होंने आस्ट्रेलिया और सर्बिया में आयोजित प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीतकर अपनी पहचान बनाई थी। अब एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतने के बाद उनका अगला लक्ष्य वर्ष 2028 में होने वाले ओलिंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करना और पदक जीतना है। गंगा का परिवार भी खेलों से जुड़ा रहा है।

    उनके ताऊ के बेटे और बड़े भाई निशांत देव अंतरराष्ट्रीय स्तर के बाक्सर हैं और ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वहीं गंगा के छोटे भाई रुद्र भी पैरा ओलिंपिक में हिस्सा ले चुके हैं।

    ऐसे में परिवार में खेलों की मजबूत विरासत को आगे बढ़ाते हुए गंगा ने अपनी अलग पहचान बनाई है। गंगा की सफलता पर परिवार और खेल प्रेमियों में खुशी का माहौल है। उनका कहना है कि मेहनत, अनुशासन और लगातार अभ्यास के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

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    बॉक्सर निशांत देव को मानता है आदर्श

    बाक्सिंग खिलाड़ी गंगा के पिता विनोद कुमार ने बताया कि ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके बाक्सर निशांत देव मेरे भतीजे हैं। गंगा निशांत देव को अपना आदर्श मानते हैं। उसकाे देखकर ही गंगा बाक्सिंग में आया। वहीं, निशांत समय-समय पर गंगा का बाक्सिंग को लेकर टिप्स व डाइट आदि के बारे में बताता रहता है। उन्होंने बताया कि गंगा बचपन से ही बाक्सर बनना चाहता था, अपने भाई निशांत को देखकर ही गंगा यहां तक पहुंचा है।

    गंगा की उपलब्धियां

    • -2026 जकार्ता में इंडोनेशिया के जकार्ता में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में जीता गोल्ड मेडल
    • -2019 में दमनदीप में आयोजित स्कूल नेशनल बाक्सिंग में ब्रांज मेडल
    • - यूथ हरियाणा बाक्सिंग चैंपियनशिप में दो बार का चैंपियन- गोल्ड मेडल जीते
    • -बैंगलूरू में आयोजित आरईसी ओपन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता
    • - सीनियर चैंपियनशिप में दो बार नेशनल में गोल्ड मेडल
    • -सर्बिया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय बाक्सिंग में गोल्ड
    • - आस्ट्रेलिया में आयोजित बाक्सिंग में गोल्ड मेडल जीता
    • - आल इंडिया बाक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता
    • - यूनिवर्सिटी बाक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता
    • - जुलाई 2026 जकार्ता इंडोनेशिया में एशियन गेम्स के क्वालिफाई किया।