बैंकॉक में करनाल की रिद्धि का 'सटीक निशाना', तीरंदाजी एशिया कप में जीते दो पदक
करनाल की रिद्धि फोर ने बैंकॉक में आयोजित तीरंदाजी एशिया कप में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने एकल स्पर्धा में रजत और टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता, ...और पढ़ें

कंधे की चोट के बाद तीरंदाजी एशिया कप में छाई करनाल की बेटी रिद्धि (फोटो: जागरण)

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जागरण संवाददाता, करनाल। करनाल की बेटी रिद्धि फोर ने एक बार फिर करनाल, हरियाणा और देश का नाम रोशन किया है। इस बार तीरंदाजी के एशिया कप में बेटी ने दो मेडल जीते हैं। हाल ही में बैंकाक में 22 से 28 मार्च तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में रिद्धि ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिंगल इवेंट में रजत पदक और टीम इवेंट में कांस्य पदक अपने नाम किया।
इससे पहले गत माह नेशनल रैंकिंग प्रतियोगिता में भी वह स्वर्ण पदक जीत चुकी है। बता दें कि रिद्धि अब तक दर्जनों देशों में करीब 100 मेडल जीत चुकी है। रिद्धि का अगला लक्ष्य एशियन गेम्स है। इसके लिए मई माह में ट्रायल होना है। उसका सपना ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करना है। रिद्धि अपने पिता कोच मनोज फोर को अपना आदर्श मानती है और कहती है कि उनके सपनों को पूरा करना ही उसकी सबसे बड़ी प्रेरणा है।
इस प्रतियोगिता के साथ रिद्धि के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 14 मेडल हो गए हैं, रिद्धि की उपलब्धि पर उसके स्कूल बाबा रामदास विद्यापीठ की प्रिंसिपल नीनू आहूजा ने उसे बधाई दी है और कॉलेज गुरु नानक खालसा कॉलेज करनाल के लेक्चरर व एनसीसी के इंचार्ज देवी भूषण शर्मा जी ने भी उसे बधाई दी है।
रिद्धि अभी पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में सुरेंद्र रंधावा कोच के सानिध्य में अभ्यास कर रही है। 2 साल की कंधे की चोट के बाद यह रिद्धि का पहला बड़ा मेडल रहा है। पिछले महीने भी रिद्धि ने नेशनल रैंकिंग टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल प्राप्त किया था। रिद्धि की इस उपलब्धि पर पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।
तीरंदाज रिद्धि फोर अब तक 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय आदि स्तर के मेडल प्राप्त कर जिले का नाम रोशन कर चुकी है। इसमें 14 अंतरराष्ट्रीय, 70 राष्ट्रीय स्तर व अन्य जिलास्तर के मेडल भी हैं। रिद्धि ने 2012 में अपना पहला मेडल आंध्रप्रदेश में आयोजित अंडर-14 मुकाबले में स्वर्ण पदक जीता था।