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    NCR का ही हिस्सा रहेगा करनाल, वाहनों की उम्र और प्रदूषण के नियम भी नहीं बदलेंगे

    Updated: Wed, 17 Jun 2026 03:31 PM (IST)

    करनाल का राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का दर्जा बरकरार रहेगा, क्योंकि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने इसे बाहर करने का प्रस्ताव खारिज कर दिया है। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. करनाल का एनसीआर दर्जा बरकरार, अटकलों पर लगा विराम।

    2. पुराने वाहनों, प्रदूषण नियमों में तत्काल बदलाव नहीं।

    3. उद्योग, ट्रांसपोर्ट, भट्ठा क्षेत्र में मिली-जुली प्रतिक्रिया।

    जागरण संवाददाता, करनाल। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से करनाल के बाहर होने की अटकलों पर मंगलवार को विराम लग गया। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में हरियाणा के उन जिलों को एनसीआर से बाहर करने का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया, जिन्हें 100 किलोमीटर दायरे से बाहर मानते हुए हटाने की मांग की गई थी। लिहाजा करनाल का एनसीआर दर्जा बरकरार रहेगा।

    फैसले के बाद उद्योग, ट्रांसपोर्ट, व्यापार और ईंट भट्ठा क्षेत्र में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। एक ओर एनसीआर से बाहर होने की उम्मीद लगाए बैठे वर्गों को निराशा हुई, दूसरी ओर क्षेत्रीय विकास योजनाओं, आधारभूत ढांचे और भविष्य की कनेक्टिविटी परियोजनाओं के जारी रहने से राहत की भावना भी दिखाई दी।

    एनसीआर प्लान 2041 को आगे बढ़ाने के साथ मौजूदा एनसीआर सीमा को यथावत रखने का निर्णय लिया गया। हरियाणा लंबे समय से यह तर्क देता रहा था कि दिल्ली से दूर स्थित जिलों को एनसीआर के प्रतिबंध तो झेलने पड़ते हैं, लेकिन अपेक्षित लाभ सीमित मिलते हैं। बोर्ड ने सीमा परिवर्तन के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।

    वाहनों की आयु सीमा पर बनी रहेगी स्थिति

    करनाल के एनसीआर में बने रहने से पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों पर लागू नियमों में तत्काल किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। ट्रांसपोर्ट यूनियन से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि एनसीआर से बाहर होने की स्थिति में उन्हें अधिक राहत की उम्मीद थी। अब उनकी निगाह राज्य और केंद्र सरकार द्वारा भविष्य में दी जाने वाली किसी विशेष छूट पर रहेगी।

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    करनाल ट्रांसपोर्ट यूनियन के प्रधान नरेंद्र सिंह ने कहा कि फैसला उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा। पुराने वाहनों और परिचालन लागत से जुड़े मुद्दे अभी भी बने रहेंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि यदि एनसीआर के भीतर रहते हुए कुछ नियमों को व्यावहारिक बनाया जाता है तो परिवहन क्षेत्र को राहत मिल सकती है।

    उद्योगों को राहत की उम्मीद कायम

    फार्मास्यूटिकल एसोसिएशन के चेयरमैन आरएल. शर्मा ने कहा कि करनाल का एनसीआर में बने रहना विकास की दृष्टि से सकारात्मक है। एनसीआर का दर्जा निवेश आकर्षित करने में मदद करता है। हालांकि उद्योग जगत को उम्मीद थी कि कुछ जटिल प्रक्रियाओं और अतिरिक्त मंजूरियों में राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार को अब एनसीआर क्षेत्र के उद्योगों के लिए अनुमति प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।

    ईंट भट्ठा संचालकों में निराशा

    भट्ठा एसोसिएशन से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि ईंट भट्ठा उद्योग को एनसीआर से बाहर होने की स्थिति में अधिक राहत की उम्मीद थी। प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े प्रतिबंधों का असर उत्पादन पर पड़ता है। फिर पर्यावरण संरक्षण भी जरूरी है। सरकार को ऐसे नियम बनाने चाहिए जिनसे उद्योग और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे।

    व्यापारियों ने फैसले को संतुलित बताया

    करनाल व्यापार मंडल के प्रधान कृष्ण लाल तनेजा ने कहा कि एनसीआर दर्जा बरकरार रहने से क्षेत्र की पहचान और दीर्घकालिक विकास योजनाएं प्रभावित नहीं होंगी। हालांकि स्थानीय व्यापार जगत को कुछ आर्थिक और नियमों के तहत राहत की अपेक्षा थी। अब सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि करनाल को एनसीआर का वास्तविक लाभ भी मिले।