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    उम्र को मात दे रहे करनाल के जांबाज, 15 से 90 साल के एथलीट कर्ण स्टेडियम में बहा रहे पसीना

    Updated: Thu, 07 May 2026 03:21 PM (IST)

    करनाल के युवा और बुजुर्ग एथलीट अपनी खेल प्रतिभा से जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। 15 से 90 वर्ष तक के खिलाड़ी कर्ण स्टेडियम में अभ्यास कर राज्य से अंतरर ...और पढ़ें

    बुजुर्ग एथलीट भी कर्णनगरी को दिला रहे पहचान

    बुजुर्ग एथलीट भी कर्णनगरी को दिला रहे पहचान

    विशाल कौशिक, करनाल। कर्णनगरी में खेल प्रतिभा की चमक अब केवल युवा खिलाड़ियों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि बुजुर्ग एथलीट भी अपने दमखम से जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। 15 से 90 वर्ष तक के काफी खिलाड़ी कर्ण स्टेडियम में प्रतिदिन अभ्यास कर रहे हैं और स्टेट से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतकर अपनी पहचान बना चुके हैं।

    उम्र यहां किसी के जुनून के आगे बाधा नहीं आ रही, बल्कि हर वर्ग के खिलाड़ी नई मिसाल पेश कर रहे हैं। कर्ण स्टेडियम में जहां 200 से अधिक खिलाड़ी प्रतिदिन प्रशिक्षण ले रहे हैं, लेकिन बुजुर्ग एथलीट भी पूरे उत्साह के साथ मैदान में पसीना बहा रहे हैं।

    हर साल लगभग 30 युवा खिलाड़ी स्टेट लेवल प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं और बेहतर प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। बुजुर्ग एथलीट भी किसी से पीछे नहीं हैं। यह बुजुर्ग खिलाड़ी प्रतिदिन करीब 10 किलोमीटर से अधिक दौड़ लगाते हुए अपने आप को फिट रख रहे हैं।

    नेशनल क्रास कंट्री में जीता सिल्वर मेडल

    कर्ण स्टेडियम की खिलाड़ी सिमरन पुत्री संजय कुमार गांव कलामपुरा की रहने वाली है। यह ऋषि कोच के अंडर स्टेडियम में प्रशिक्षण लेती हैं। इसने 1500 मीटर, 5000 मीटर में नेशनल स्तर पर मेडल प्राप्त किए हैं। इसने नेशनल क्रास कंट्री, बिहार में सिल्वर मेडल प्राप्त किया है। स्टेट लेवल पर 20 से अधिक मेडल प्राप्त किए हैं। यह सीनियर केटेगरी में खेलती है।

    कर्ण स्टेडियम के युवा खिलाड़ी विनय पुत्र बिजेंद्र सिंह, करनाल ने बताया कि यह अंडर-20 की 200, 400 मीटर रेस में खेल चुका है। जिसमें इसने सात बार स्टेट लेवल पर, नेशनल लेवल पर दो गोल्ड, 3 सिल्वर में मेडल प्राप्त किए हैं। आगे जूनियर नेशनल में खेलने की तैयारी है।

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    20 बार जीते हैं स्टेट मेडल

    कर्ण स्टेडियम के खिलाड़ी आर्यन पुत्र विनोद कुमार, गांव टपराना ने बताया कि हर्डल तीन किलोमीटर अंडर 20 वर्ग में खेलता हूं। स्टेट लेवल पर 20 बार खेल चुका हूं। वहीं, नेशनल स्तर पर एक गोल्ड, एक सिल्वर एक कांस्य मेडल जीत चुका है। नेशनल स्तर पर दो बार दिल्ली प्रयागराज तेलंगाना व ओडिशा में खेला है।

    कर्ण स्टेडियम के खिलाड़ी साहिल रेस वाकिंग के खिलाड़ी हैं। यह स्टेट से नेशनल स्तर पर मेडल जीत चुका है। इसने माकूंबा में गोल्ड मेडल प्राप्त किया, हरियाणा ओलिंपिक में सिल्वर, सीनियर स्टेट लेवल तीन किलोमीटर में गोल्ड मेडल प्राप्त किया है। यह अंडर-18 वर्ग का खिलाड़ी है। इसने नेशनल रेस चैंपियनशिप चंडीगढ़ में आयोजित प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता था।

    कर्णनगरी के बुजुर्ग खिलाड़ी

    बिजली निगम से सेवानिवृत्त 89 वर्षीय धर्मचंद शर्मा 52 साल से एथलीट हैं। उन्होंने अपने दम पर प्रदेश ही नहीं पूरे देश में पहचान बनाई है। वह अंतरराष्ट्रीय एथलीट भीम सिंह घनघस से प्रेरणा लेकर बेहतर एथलीट बने। वह हिसार के जाट कॉलेज की चार स्पर्धाओं पांच हजार, 10 हजार, 1500 व 400 मीटर में स्वर्ण पदक जीतकर चर्चा में आए और उसके बाद इन्होंने अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदक जीते हैं।

    धर्मचंद अपनी उपलब्धियों के लिए सत्र 1991-92 में प्रदेश के राज्यपाल से भी सम्मानित हो चुके हैं। धर्मचंद ने बताया कि वह वर्ष 1968 में बिजली निगम में स्पोर्ट्स कोटे से भर्ती हुए और वर्ष 1998 में फोरमैन के पद से सेवानिवृत्त हुए। वह रोजाना पश्चिमी यमुना नहर की पटरी पर 10 किलोमीटर की दौड़ लगाते हैं।

    सभी खिलाड़ी करते हैं मेहनत

    एथलेटिक्स कोच ऋषि ने बताया कि कर्ण स्टेडियम में प्रतिदिन सुबह व शाम के समय खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। हमारे सभी खिलाड़ी मेडल ला रहे हैं। सभी खिलाड़ी नियमों का पालन करते हुए मेहनत करते हैं। आगे भी मेडल लाकर जिले का नाम रोशन करेंगे।

    50 साल से हैं एथलीट, जीत चुके कई मेडल

    मास्टर एथलीट बुजुर्ग खिलाड़ी महावीर तालियान हरियाणा पुलिस से 2013 में सेवानिवृत्त हुए हैं। यह 50 सालों से एथलीट हैं। जिला स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 300 से अधिक मेडल प्राप्त कर चुके हैं।

    यह 2025 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सेनी व फिट इंडिया कार्निवल में जीत के लिए विधायक योगेंद्र राणा भी सम्मानित कर चुके हैं। इन्होंने बताया कि वह सुबह चार बजे उठते हैं और सात बजे ग्राउंड में पहुंच जाते हैं। इसके बाद कम से कम पांच किलोमीटर प्रतिदिन दौड़ लगाते हैं।

    जिला खेल अधिकारी सत्यवीर ने बताया कि हमारे खिलाड़ी जिला स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश व जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। जीवन में आगे बढ़ना है तो सभी युवा नशे व मोबाइल से दूर रहें। मेहनत करें। दिल लगाकर तैयारी करें। तभी हम देश के लिए मेडल ला सकते हैं।