Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    करनाल में पुलिस पर व्यापारी को धमकाने और जबरन दुकान खाली कराने का आरोप, पीड़ित ने एसपी को दी शिकायत

    Updated: Sat, 30 May 2026 12:51 PM (IST)

    करनाल में एक व्यापारी ने पुलिसकर्मियों पर पद के दुरुपयोग और अवैध हिरासत का गंभीर आरोप लगाया है। व्यापारी सचिन गुप्ता का कहना है कि उन्हें दुकान से उठा ...और पढ़ें

    व्यापारी ने लगाया पुलिस पर दबाव और अवैध हिरासत का आरोप।

    व्यापारी ने लगाया पुलिस पर दबाव और अवैध हिरासत का आरोप।

    HighLights

    1. व्यापारी ने पुलिस पर अवैध हिरासत का आरोप लगाया

    2. दुकान का कब्जा छोड़ने के लिए दबाव बनाया गया

    3. पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच की मांग की

    जागरण संवाददाता, करनाल। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक व्यापारी ने पुलिस कर्मियों पर पद के दुरुपयोग और अवैध रूप से थाने में बैठाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। व्यापारी का कहना है कि उसे दुकान से उठाकर थाने ले जाया गया। वहां घंटों बैठाकर दुकान का कब्जा छोड़ने का दबाव बनाया गया।

    शहर निवासी सचिन गुप्ता ने इस मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक को दी है। शिकायत में उन्होंने बताया कि वह सिंगला स्टोर्सज् के नाम से कारोबार करते हैं। सचिन गुप्ता के अनुसार 26 मई को सिविल लाइन थाना में तैनात आशा रानी दो पुलिसकर्मियों के साथ उनकी दुकान पर पहुंचीं। आरोप है कि वहां से उन्हें जबरन सरकारी गाड़ी में बैठाकर थाने ले जाया गया।

    व्यापारी का दावा है कि थाने में उन्हें करीब तीन घंटे तक बैठाकर रखा गया। इस दौरान एएसआई उन पर लगातार दबाव बनाती रहीं। उनसे दुकान नंबर-23 की चाबियां और कब्जा दूसरी पार्टी को सौंपने के लिए कहा गया।

    शिकायत के मुताबिक दुकान में सविता गर्ग, श्रवण गर्ग और प्रतीक गर्ग बराबर के हिस्सेदार हैं। पिछले करीब 18 महीनों से दुकान का कब्जा सचिन गुप्ता के पास बताया गया है। व्यापारी का आरोप है कि पुलिस ने दूसरी पार्टी के साथ मिलकर कब्जा बदलवाने की कोशिश की। सचिन गुप्ता ने शिकायत में कहा कि जब उन्होंने चाबियां देने से इनकार किया तो उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई। आरोप है कि 107/151 की कार्रवाई का डर दिखाकर दबाव बनाया गया।

    घटना की जानकारी मिलते ही बाजार के कई व्यापारी थाने पहुंच गए। व्यापारियों ने पुलिस से सचिन गुप्ता को छोड़ने की मांग की। इस दौरान उनके वकील भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस को बताया कि मामला सिविल प्रकृति का है और इसका समाधान अदालत या मीडिएशन सेंटर के माध्यम से होना चाहिए।

    खबरें और भी

    हालांकि, शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस ने यह बात नहीं मानी। उन्हें कहा गया कि फैसला थाने में ही होगा। सचिन गुप्ता ने पूरे घटनाक्रम को सुनियोजित साजिश बताया है। उनका कहना है कि इस मामले से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है। परिवार भी मानसिक तनाव में है। व्यापारी ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।