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    करनाल में कुंजपुरा गेहूं गोदाम से 9951 गेहूं के कट्टे गायब, पूर्व इंस्पेक्टर पर गिरी गाज

    Updated: Sun, 19 Jul 2026 11:41 AM (GMT+05:30)

    कुंजपुरा गेहूं गोदाम में करोड़ों के गबन मामले में नया मोड़ आया है, विभाग की जांच में अब 9951 गेहूं के कट्टे गायब मिले हैं। ...और पढ़ें

    कुंजपुरा गेहूं गोदाम से अब 9951 गेहूं के कट्टे गायब मिले (फाइल फोटो)

    कुंजपुरा गेहूं गोदाम से अब 9951 गेहूं के कट्टे गायब मिले (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. कुंजपुरा गोदाम से 9951 गेहूं के कट्टे गायब मिले।

    2. विभाग ने रिटायर्ड इंस्पेक्टर अशोक शर्मा को ठहराया दोषी।

    3. कुल 16,355 बैग का नुकसान, कीमत 4.49 करोड़।

    जागरण संवाददाता, करनाल। कुंजपुरा स्थित खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सरकारी गोदाम में करोड़ों रुपये के गेहूं गबन का मामले में नया मोड़ आया है। विभाग की जांच में अब 9951 गेहूं के कट्टे गायब मिले हैं, जो करीब 2.73 करोड़ रुपये के हैं, लेकिन विभागीय जांच में रिटायर्ड निरीक्षक अशोक शर्मा को दोषी ठहराया गया है।

    वहीं, अशोक शर्मा ने वीडियो जारी कर अपने आरोपों को झूठा बताया है और एएफएसओ मुकेश गुप्ता को दोषी ठहराया है। ऐसे में अब एक दूसरे पर आरोप लगाए जा रहे हैं। बता दें पिछले वर्ष इस गोदाम की खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मंत्री राजेश नागर ने जांच के निर्देश दिए थे।

    उस समय इसमें 4904 गेहूं के बैग कम पाए गए। इस पर अशोक शर्मा के खिलाफ कुंजपुरा थाने में एफआइआर दर्ज की गई और उन्हें विभाग से निलंबित कर दिया गया। इसके बाद जून में विजिलेंस जांच हुई, जिसमें 9585 बैग कम मिले।

    गोदाम के स्टॉक की भौतिक जांच

    मामला यहीं नहीं रुका, 3 जुलाई को शिकायतकर्ता विकास शर्मा की मौजूदगी में गोदाम के स्टॉक की भौतिक जांच की गई, जिसमें करीब 1500 बैग खराब हालत में पाए गए। इसके ठीक 12 दिन बाद 15 जुलाई को निदेशक स्तर की जांच में बचे हुए स्टाक में से 327 बैग और कम मिले।

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    अब खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक की अंतिम जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि पहली जांच के 4904 बैग को अलग रखते हुए दूसरी अवधि में 9951 बैग और गायब हुए हैं। इस तरह अब तक 4904 बैग पहले, 9951 बैग बाद में गायब और 1500 बैग खराब होने की पुष्टि हो चुकी है। कुल मिलाकर 16,355 बैग का नुकसान सामने आया है। जो करीब 4.49 करोड़ रुपये का है।

    आमने सामने डीएफएससी व पूर्व निरीक्षक

    खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक मुकेश कुमार ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि गोदाम के कस्टोडियन होने के कारण स्टाक और रिकार्ड की पूरी जिम्मेदारी अशोक शर्मा की थी। वहीं, अशोक कुमार का कहना है कि वह 3 जुलाई 2025 को सस्पेंड हो गया था। 9 जुलाई को वह हेड आफिस चला गया था। इसके बाद गेहूं के कट्टे कैसे कम हुए वह जिम्मेदार नहीं है। उसके खिलाफ पहले भी झूठी शिकायत दर्ज कराई गई थी।

    शिकायतकर्ता बोले, एएफएसओ को बचाने की कोशिश

    शिकायकर्ता विकास का कहना है कि विभाग के अधिकारी एएफएसओ मुकेश गुप्ता को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। एसीबी की टीम ने भी अपनी जांच में एएफएसओ मुकेश गुप्ता को दोषी माना है और एएफएसओ ने अशोक शर्मा के खिलाफ जब एफआइआर दर्ज कराई थी तो उसने गोदाम के रिकार्ड की जानकारी दी थी। इसके बाद अशोक शर्मा कैसे गेहूं के कट्टे गायब कर सकता है।