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    दिल्ली मार्च से पहले गुरनाम चढ़ूनी गिरफ्तार, गुस्साए किसानों ने कुरुक्षेत्र में टोल प्लाजा किया जाम; धरने पर बैठे

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 06:44 PM (IST)

    गुरनाम सिंह चढ़ूनी की गिरफ्तारी के विरोध में किसानों ने पिहोवा के थाना टोल प्लाजा पर सड़क जाम कर धरना दिया। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हु ...और पढ़ें

    दिल्ली मार्च से पहले चढ़ूनी गिरफ्तार, गुस्साए किसान। फोटो जागरण

    दिल्ली मार्च से पहले चढ़ूनी गिरफ्तार, गुस्साए किसान। फोटो जागरण

    HighLights

    1. किसानों ने गुरनाम सिंह चढ़ूनी की गिरफ्तारी का विरोध किया।

    2. पिहोवा के थाना टोल प्लाजा पर सड़क जाम कर धरना।

    3. बिना शर्त रिहाई तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।

    संवाद सहयोगी, पिहोवा (कुरुक्षेत्र)। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी की गिरफ्तारी के विरोध में किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और थाना गांव के समीप बने टोल प्लाजा पर एकत्रित हो गए। किसानों ने सड़क पर बैठ मार्ग अवरुद्ध कर दिया और वहीं धरने पर बैठ गए।

    किसानों ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक गुरनाम सिंह चढ़ूनी और अन्य हिरासत में लिए गए किसान नेताओं को बिना शर्त रिहा नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

    जानकारी के अनुसार, भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने 21 जुलाई को दिल्ली में किसानों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए गुरनाम सिंह चढ़ूनी अपने साथियों के साथ दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। आरोप है कि कुरुक्षेत्र में पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया और हिरासत में ले लिया। उनके साथ संगठन के कई अन्य पदाधिकारियों को भी डिटेन किया गया।

    चढूनी के आधिकारिक फेसबुक पेज पर वीडियो हुआ जारी

    चढ़ूनी की हिरासत की सूचना मिलते ही उनके आधिकारिक फेसबुक पेज से एक वीडियो जारी किया गया, जिसमें उनके पुत्र ने दावा किया कि पुलिस ने चढ़ूनी सहित संगठन के कई नेताओं को गिरफ्तार कर लिया है। वीडियो वायरल होते ही हरियाणा के विभिन्न जिलों में किसानों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। कई स्थानों पर किसानों ने टोल नाकों पर धरना देकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसी कड़ी में पिहोवा थाना टोल प्लाजा पर भी किसानों ने टोल जाम कर दिया।

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    लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण

    धरने को संबोधित करते हुए ब्लाक प्रधान जोगिंदर काजल, राजेश संधोला, गुरतेज सिंह, अनोख सिंह, निशान सिंह, जसमेर सिंह, शीतल सिंह, अजैब सिंह तथा करतार सिंह ने कहा कि किसान लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार लगातार उन्हें नजरअंदाज कर रही है। अब जब किसान अपनी मांगों को लेकर दिल्ली जा रहे थे तो उन्हें रास्ते में रोककर हिरासत में लेना लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।

    इन मांगों को लेकर था दिल्ली मार्च

    किसान नेताओं ने बताया कि दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन का उद्देश्य सरकार को किसानों की लंबित मांगों की याद दिलाना था। इन मांगों में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, किसान आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों की वापसी, आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को मुआवजा और सरकारी नौकरी, कृषि लागत कम करने के लिए डीजल, बिजली, खाद एवं बीज पर राहत, फसल बीमा योजना में सुधार, प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को समय पर मुआवजा तथा किसानों के कर्ज संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान शामिल हैं।

    आंदोलन को दबा रही है सरकार: काजल

    किसान नेता जोगिंदर काजल ने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय आंदोलन को दबाने के लिए गिरफ्तारियों का सहारा ले रही है। यदि यही रवैया जारी रहा तो प्रदेशभर में आंदोलन और तेज किया जाएगा।

    प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया।