यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
International Gita Mahotsav: कुरुक्षेत्र में 18 हजार बच्चों ने पढ़ा वैश्विक गीता पाठ, मनोहर के साथ असम CM हिमंता भी रहे मौजूद
International Gita Mahotsav Update अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 2023 में एक बार फिर से 18 हजार बच्चों के वैश्विक गीता पाठ से धर्मनगरी गुंजायमान होगी। दो ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र। International Gita Mahotsav Update अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 2023 में एक बार फिर से 18 हजार बच्चों के वैश्विक गीता पाठ से धर्मनगरी गुंजायमान हुई। दोपहर 12 बजे एक साथ 18 हजार बच्चे अष्टादश श्लोक गीता पाठ किया। इस कार्यक्रम में CM मनोहर के साथ असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma)भी मौजूद रहे।

कुरुक्षेत्र में वैश्विक गीता पाठ के लिए बैठे विद्यार्थी।
इसको लेकर प्रदेश भर से बच्चे इस कार्यक्रम में शामिल हुए। जिन्हें थीम पार्क में बैठाया गया। इस वैश्विक गीता पाठ के साथ प्रदेश भर के हजारों विद्यार्थी भी ऑनलाइन प्रणाली से जुड़े।
विद्यार्थी जीवन में गीता के श्लोकों के भावार्थ को समझ आगे बढ़ना होगा -मनोहर लाल
मुख्यमंत्री मनोहर लाल(CM Manohar Lal) ने कहा कि केवल गीता जयंती मनाने से संस्कार नहीं आएगा। गीता के हर श्लोक को अपने अंदर आत्मसात करना होगा।
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विद्यार्थी काल में ही बच्चों को गीता के श्लोकों के भावार्थ को समझ आगे बढ़ना होगा। इसी उद्देश्य के साथ गुजरात का अनुशरण करते इस वर्ष से स्कूलों में छठी से 12वीं गीता पढाई जाएगी।

इसके लिए आदर्श जीवन मूल्य पुस्तक तैयार की गई है जो विषय के रूप में पढाई जाएगी। यह पुस्तक नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार है। वह वैश्विक गीता पाठ के बाद कुरुक्षेत्र के थीम पार्क में 18 हजार विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि अपनी जेब में एक छोटी गीता की प्रति अवश्य रखें। इससे जीवन बड़ा बदलाव आता है। वह स्वयं भी अपनी पाकेट में एक छोटी गीता रखते हैं।
PM के नेतृत्व में धर्म का शासन बने, इसका एक आकार आज देश में बन रहा- हिमंता
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के वैश्विक गीता पाठ के मंच पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिश्वा शर्मा हरियाणा और असम का नाता जोड़ गए। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण कुरुक्षेत्र में दो बार आए थे लेकिन असम के लोग उन्हें अपना दामाद मानते हैं। उन्होंने असम की बेटी रुकमणी से विवाह रचाया था।
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इसलिए जहां जहां भगवान श्रीकृष्ण का नाता है वहां असम की उपस्थिति अनिवार्य हो जाती है। उन्होंने कहा कि महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका तो सब जानते हैं लेकिन महाभारत में असम से कई पराक्रमी योद्धाओं ने भी भाग लिया था।

इनमें से कुछ कौरवों की तरफ से लड़े तो कुछ पांडवों की तरफ से लेकिन युद्ध में अंतत: धर्म की जीत हुई। आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में धर्म का शासन बने। इसका एक आकार आज देश में बन रहा है। यहां बता दें कि इस बार गीता महोत्सव में असम राज्य पार्टनर है।