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    कुरुक्षेत्र के पिहोवा में अघोषित बिजली कटौती से भड़के ग्रामीण, पावर हाउस का घेराव कर SDO और JE को जमीन पर बैठाया

    Updated: Thu, 16 Jul 2026 01:39 PM (IST)

    कुरुक्षेत्र के भैंसी माजरा गांव में अघोषित बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने पावर हाउस का घेराव किया। ...और पढ़ें

    बिजली कटौती से भड़के ग्रामीण, पावर हाउस का घेराव (फोटो: जागरण)

    बिजली कटौती से भड़के ग्रामीण, पावर हाउस का घेराव (फोटो: जागरण)

    HighLights

    1. भैंसी माजरा में अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान।

    2. ग्रामीणों ने पावर हाउस का घेराव कर अधिकारियों को घेरा।

    3. एसडीओ, जेई को जमीन पर बैठाकर स्टाफ की कमी पर सवाल।

    संवाद सहयोगी, पिहोवा। कुरुक्षेत्र जिले के गांव भैंसी माजरा में लगातार लग रही अघोषित बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा बुधवार देर रात फूट पड़ा। रात करीब 10 बजे बड़ी संख्या में ग्रामीण गांव के साथ स्थित बिजली पावर हाउस पहुंच गए और उसका घेराव कर बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार, पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति तथा अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

    सूचना मिलने पर पिहोवा बिजली विभाग के ग्रामीण एसडीओ सुभाष कुमार और जेई आकाशदीप मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के पहुंचते ही ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया। ग्रामीणों ने दोनों अधिकारियों को घेर लिया तथा उन्हें अपने बीच जमीन पर बैठाकर जवाब मांगा। करीब आधे घंटे तक एसडीओ और जेई ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठे रहे और उनकी शिकायतें सुनते रहे।

    ग्रामीणों ने जेई आकाशदीप से सवाल किया कि यदि पिंडारसी क्षेत्र के पास बिजली लाइन पर कोई कार्य चल रहा था तो इसकी पूर्व सूचना उपभोक्ताओं को व्हाट्सएप ग्रुप या अन्य माध्यम से दी जानी चाहिए थी। आरोप लगाया गया कि बातचीत होने के बावजूद उपभोक्ताओं को कोई सूचना नहीं दी गई।

    लाइन में फॉल्ट आने पर परमिट लाइनमैन द्वारा लिया जाता है

    लोगों ने कहा कि लाइन में फॉल्ट आने पर परमिट लाइनमैन द्वारा लिया जाता है, लेकिन निर्धारित समय सुबह 10 बजे ड्यूटी पर पहुंचने के बजाय लाइनमैन दोपहर करीब डेढ़ बजे पहुंचता है, जिससे फाल्ट लंबे समय तक ठीक नहीं हो पाते।

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    जब ग्रामीणों ने एसडीओ सुभाष कुमार से देर से मौके पर पहुंचने का कारण पूछा तो उन्होंने वाहन उपलब्ध न होने की बात कही। इस पर ग्रामीणों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई से पहले कुछ लोगों को फोन कर सूचना दे दी जाती है, जिससे वे कार्रवाई से पहले ही बिजली चोरी बंद कर देते हैं।

    ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भैंसी माजरा पावर हाउस में न तो कोई स्थायी लाइनमैन तैनात है और न ही फोरमैन। पूरे क्षेत्र की व्यवस्था केवल एक ऑपरेटर के भरोसे चल रही है। ऐसे में बिजली लाइन टूटने, फ्यूज उड़ने या अन्य तकनीकी खराबी आने पर विभाग का कोई कर्मचारी समय पर नहीं पहुंचता। मजबूरी में कई बार गांव के लोगों को स्वयं ही बिजली लाइन की मरम्मत करनी पड़ती है।

    करीब नौ बजे से बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है

    ग्रामीण प्रदीप कुमार ने बताया कि पिछले कई दिनों से बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार बिजली कट लगाए जा रहे हैं। रात करीब नौ बजे से बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। कई बार कुछ मिनट के लिए बिजली आती है और फिर लंबे समय तक कटौती कर दी जाती है। उन्होंने कहा कि बुधवार रात भी पहले कुछ समय बिजली दी गई और उसके बाद करीब 45 मिनट तक आपूर्ति बंद रही, जिससे लोग गर्मी से बेहाल हो गए।

    ग्रामीणों का कहना था कि समस्या को लेकर कई बार जेई को फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। एसडीओ से संपर्क होने के बावजूद वे करीब तीन घंटे बाद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

    लंबी वार्ता के बाद एसडीओ सुभाष कुमार ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि भैंसी माजरा पावर हाउस में लाइनमैन और फोरमैन की तैनाती के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में लगने वाले बिजली कट स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि पंचकूला स्थित कंट्रोल सेंटर के निर्देशानुसार लगाए जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीणों द्वारा लगाए गए अन्य आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है तथा इस संबंध में विभाग को कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

    अधिकारियों के आश्वासन के बाद देर रात ग्रामीण शांत हुए और प्रदर्शन समाप्त कर दिया। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिजली आपूर्ति व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे।