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    हरियाणा के कुरुक्षेत्र में कुत्ता काटने के दो महीने बाद युवक की मौत, एंटी रेबीज की छूट गई थी एक डोज

    Updated: Sun, 21 Jun 2026 10:11 PM (GMT+05:30)

    कुरुक्षेत्र में एक टिपर हेल्पर रिंकू की कुत्ते के काटने के दो महीने बाद रेबीज से मौत हो गई। उसने एंटी-रेबीज के टीके लगवाए थे, लेकिन एक खुराक छूटने के ...और पढ़ें

    कुरुक्षेत्र में डॉग बाइट के दो माह बाद रेबीज से युवक की मौत

    कुरुक्षेत्र में डॉग बाइट के दो माह बाद रेबीज से युवक की मौत

    HighLights

    1. कुरुक्षेत्र में डॉग बाइट से युवक रिंकू की रेबीज से मौत

    2. दो माह पहले कुत्ते ने काटा था, एक टीका छूट गया

    3. स्वास्थ्य विभाग ने सभी एंटी-रेबीज टीके लगवाने की अपील की

    जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र। डॉग बाइट के करीब दो माह बाद सुगम स्वच्छता प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में कार्यरत टिपर हेल्पर रिंकू की रेबीज से मौत हो गई। लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में हाइड्रोफोबिया (पानी से भय) के लक्षणों के साथ पहुंचे रिंकू को चिकित्सकों ने दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) रेफर कर दिया था, जहां उपचार के दौरान शनिवार को उसकी मृत्यु हो गई। रिंकू अपने पीछे चार वर्षीय बेटे अनमोल और पत्नी को छोड़ गया है।

    मृतक के चाचा पालाराम ने बताया कि गड़ी रोड़ान निवासी 36 वर्षीय रिंकू थानेसर नगर परिषद के अंतर्गत कार्यरत सुगम स्वच्छता प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में टिपर हेल्पर था। करीब डेढ़ से दो माह पहले ड्यूटी के दौरान वह घर-घर जाकर लोगों को कूड़ा डालने के लिए बुला रहा था। इसी दौरान एक कुत्ते ने उसे काट लिया।

    डॉग बाइट के बाद रिंकू ने एंटी रेबीज के टीके लगवाए थे लेकिन चिकित्सकों के अनुसार वह एक निर्धारित डोज लगवाने से चूक गया। शुक्रवार को उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे एलएनजेपी अस्पताल के आपातकालीन विभाग में लाया गया। उसे घबराहट हो रही थी। पानी देखकर वह कांपने लगा, जो रेबीज के गंभीर लक्षणों में शामिल है।

    हाइड्रोफोबिया के लक्षण के साथ अस्पताल आया था मरीज: डॉ. प्रदीप कुमार

    डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि मरीज हाइड्रोफोबिया के लक्षणों के साथ अस्पताल पहुंचा था। जांच के दौरान उसमें रेबीज के लक्षण पाए गए। डॉ. अतुल ने प्राथमिक जांच के बाद उसे तत्काल दिल्ली के राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र रेफर कर दिया था। मरीज के डॉग बाइट का इतिहास करीब डेढ़ से दो माह पुराना था।

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    उन्होंने बताया कि मरीज ने एंटी रेबीज के तीन इंजेक्शन लगवाए थे, जबकि एक डोज नहीं लगवाई गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से डॉग बाइट के बाद चिकित्सकीय सलाह अनुसार सभी टीके समय पर लगवाने की अपील की है। सरकार इस उद्देश्य से दयालु-2 योजना भी संचालित कर रही है।