महेंद्रगढ़ के मरीजों को बड़ी राहत, नागरिक अस्पताल ने बढ़ी सुविधाएं; बिस्तर क्षमता 27 से बढ़ाकर की 59
महेंद्रगढ़ नागरिक अस्पताल ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी बिस्तर क्षमता 27 से बढ़ाकर 59 कर दी है और दो नए ऑपरेशन थिएटर शुरू किए हैं। ...और पढ़ें

सीमित संसाधनों में नागरिक अस्पताल ने सुविधाएं बढ़ाई।
HighLights
बिस्तर क्षमता 27 से बढ़कर 59 हुई।
दो नए ऑपरेशन थिएटर शुरू किए गए।
वार्डों को एयरकंडीशंड बनाया गया, मरीजों को राहत।
मोहनलाल अग्रवाल, महेंद्रगढ़। महेंद्रगढ़ के नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। सीमित संसाधनों और पुराने भवन की चुनौतियों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करते हुए मरीजों को पहले से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। अस्पताल में बिस्तरों की संख्या 27 से बढ़ाकर 59 कर दी गई है। गर्मी को देखते हुए वार्डों को एयरकंडीशंड बनाया गया है, जिससे भर्ती मरीजों को काफी राहत मिल रही है।
अस्पताल प्रशासन ने बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के उद्देश्य से वार्डों का पुनर्गठन किया है। कोरोना महामारी के दौरान बनाए गए 20 बेड के फाइबर वार्ड को अब आधुनिक एयरकंडीशंड इमरजेंसी वार्ड में परिवर्तित कर दिया गया है।
वहीं पुराने इमरजेंसी वार्ड के गेट नंबर-2 वाले हिस्से को गायनी वार्ड में बदल दिया गया है। यह वार्ड भी पूरी तरह एयरकंडीशंड है। इससे महिला मरीजों को अब प्रथम मंजिल पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उन्हें भूतल पर ही उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।
गायनी वार्ड के स्थानांतरण के बाद प्रथम तल पर खाली हुए पुराने वार्ड को सामान्य वार्ड में बदल दिया गया है। इससे अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए अतिरिक्त बेड उपलब्ध हो गए हैं। इस पूरे बदलाव के बाद अस्पताल की कुल बेड क्षमता 27 से बढ़कर 59 हो गई है। इससे बढ़ती मरीज संख्या के बीच अस्पताल पर पड़ने वाला दबाव भी काफी हद तक कम होगा।
दो नए ऑपरेशन थिएटर भी तैयार
अस्पताल में अब दो नए ऑपरेशन थिएटर भी तैयार किए गए हैं। पहले केवल एक ऑपरेशन थिएटर होने के कारण सर्जरी कराने वाले मरीजों को काफी इंतजार करना पड़ता था। विशेष रूप से हड्डी रोग से जुड़े ऑपरेशन तथा नसबंदी एवं नलबंदी शिविरों के दौरान कार्य प्रभावित होता था। नए ऑपरेशन थिएटर में अत्याधुनिक एनेस्थीसिया मशीनें स्थापित की गई हैं। आपरेशन के बाद मरीजों की निगरानी के लिए दो रिकवरी रूम भी बनाए गए हैं, जिससे उपचार व्यवस्था अधिक सुचारु हो गई है।
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हालांकि अस्पताल में सुविधाओं का विस्तार हुआ है, लेकिन कई समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं। नागरिक अस्पताल के नए भवन का निर्माण लंबे समय से अधूरा पड़ा है। टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण निर्माण कार्य रुका हुआ है। चिकित्सकों को पुराने और जर्जर भवन में ही मरीजों का उपचार करना पड़ रहा है।
बारिश और गर्मी के मौसम में यह स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती है। इन दिनों मौसमी बीमारियों के कारण अस्पताल की ओपीडी लगातार बढ़ रही है। दूसरी ओर चिकित्सकों की कमी भी अस्पताल के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
वर्तमान में अस्पताल के पांच चिकित्सकों को कोरियावास में डेपुटेशन पर भेजा गया है, जिससे उपलब्ध डाक्टरों पर कार्यभार बढ़ गया है। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन मरीजों को बेहतर उपचार देने का प्रयास कर रहा है। पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही नए अस्पताल भवन का निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।
एसएमओ डा. जय प्रकाश ने बताया कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में वार्डों के पुनर्गठन, बेड क्षमता बढ़ाने और नए ऑपरेशन थिएटर शुरू होने से मरीजों को पहले की अपेक्षा अधिक सुविधाजनक और प्रभावी उपचार मिल रहा है। भविष्य में भी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभाग लगातार प्रयास करता रहेगा।