ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर कसा शिकंजा, महेंद्रगढ़ में 16 स्कूल बसों का कटा चालान
मंडी अटेली में ट्रैफिक पुलिस ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूल बसों का गहन निरीक्षण किया। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने पर 16 बस ...और पढ़ें
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स्कूल बसों का कटा चालान। जागरण
HighLights
अटेली में ट्रैफिक पुलिस ने चलाया विशेष अभियान।
स्कूल बसों की गहन जांच, सुरक्षा मानकों पर जोर।
लापरवाही बरतने पर 16 बसों का चालान किया गया।
संवाद सहयोगी, मंडी अटेली। मंडी अटेली में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अटेली में ट्रैफिक पुलिस ने विशेष अभियान चलाया। अभियान के दौरान स्कूल बसों की गहन जांच की गई।
इस दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली बसों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए 16 चालान किए गए। कार्रवाई से बस संचालकों में हड़कंप मच गया और कई चालक मौके पर ही दस्तावेजों व सुरक्षा व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गए।
ट्रैफिक इंस्पेक्टर भगवान सिंह के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में पुलिस टीम ने एक-एक स्कूल बस की बारीकी से जांच की। बसों में सीट बेल्ट, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, इमरजेंसी गेट, स्पीड गवर्नर, फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट और अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों की जांच की गई।
वहीं, निरीक्षण के दौरान कई बसों में सीट बेल्ट नहीं मिलीं, जबकि कुछ वाहनों में अन्य सुरक्षा संबंधी कमियां भी पाई गईं। नियमों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत 16 चालान किए गए।
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पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।
ट्रैफिक इंस्पेक्टर भगवान सिंह ने बताया कि स्कूल बसें बच्चों के जीवन से जुड़ी होती हैं, इसलिए उनमें निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है। यदि किसी बस में सीट बेल्ट, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स या अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण नहीं पाए जाते हैं तो संबंधित वाहन चालक और संचालक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्कूल प्रबंधन और बस संचालकों से अपील की कि वे सभी सुरक्षा मानकों का पालन करें तथा समय-समय पर वाहनों की जांच कराते रहें।
उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है, ताकि वे बिना किसी खतरे के स्कूल आ-जा सकें।