कांटेदार चूहे के नाम पर होटल मालिक से 1.5 लाख की ठगी, नारनौल में सामने आया हैरान करने वाला मामला
नारनौल में झावा मूसा (कांटेदार चूहा) की खरीद-फरोख्त में लाखों के मुनाफे का लालच देकर एक होटल संचालक से 1.15 लाख रुपये की ठगी की गई।

नारनौल में कांटेदार चूहे के नाम पर ठगी। AI जनरेटेड
HighLights
नारनौल में झावा मूसा के नाम पर ठगी का मामला।
होटल संचालक से 1.15 लाख रुपये ऐंठे, लाखों का लालच।
सोशल मीडिया अफवाहों पर आधारित थी झावा मूसा की कीमत।
जागरण संवाददाता, नारनौल। कांटेदार चूहा यानी झावा मूसा... आखिर ऐसा क्या है कि उसके नाम पर लाखों रुपये के मुनाफे का सपना दिखाया जा रहा है? नारनौल में इसी सवाल के बीच ठगी का एक मामला सामने आया है।
आरोपियों ने होटल संचालक को 2 लाख रुपये में झावा खरीदकर आठ लाख रुपये में बेचने और छह लाख रुपये कमाने का लालच दिया। पीड़ित पूरी रकम नहीं जुटा सका तो आरोपियों ने बाकी राशि खुद लगाने की बात कही और उसके 1.15 लाख रुपये लेकर यह कहकर निकल गए कि झावा दूसरी पार्टी को बेचकर लौटेंगे। इसके बाद न वे लौटे और न फोन उठाया।
पुलिस से शिकायत की
ताजीपुर निवासी प्रवीण कुमार ने शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि नांगल चौधरी रोड पर एचपी पेट्रोल पंप के सामने उसका होटल है। 27 अगस्त को बाइक पर एक महिला और एक व्यक्ति होटल पर पहुंचे। दोनों ने खुद को पति-पत्नी बताया। व्यक्ति ने अपना नाम गोपाल निवासी निमड़ी का बास, जिला अलवर बताया।
आरोपियों ने प्रवीण को झावा मूसा की खरीद-फरोख्त में मोटा मुनाफा होने की बात कही। बताया कि दो लाख रुपये लगाकर झावा खरीदा जाएगा और उसे आठ लाख रुपये में आगे बेच दिया जाएगा। अगले दिन जब प्रवीण ने बताया कि वह केवल 1.15 लाख रुपये ही जुटा पाया है तो आरोपियों ने बाकी रकम खुद लगाने की बात कही। कुछ देर बाद दो अन्य बाइक पर अपने साथियों को भी बुला लिया।
कॉल रिसीव नहीं की
प्रवीण से 1.15 लाख रुपये लेने के बाद आरोपियों ने कहा कि वे झावा दूसरी पार्टी को बेचकर थोड़ी देर में रुपये लेकर लौट आएंगे। काफी देर तक इंतजार के बाद भी वे नहीं आए। फोन किया तो कॉल रिसीव नहीं की। आसपास तलाश करने पर भी कोई पता नहीं चला। इसके बाद प्रवीण ने पुलिस को शिकायत दी।
शहर थाना पुलिस ने बीएनएस की धारा 316(2), 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपितों की तलाश कर रही है।
राजस्थान में चोरी हुआ था झावा
झावा मूसा के लाखों में बिकने की कहानी नई नहीं है। अक्टूबर 2022 में राजस्थान के बांसवाड़ा में एक 700 ग्राम के झाऊ चूहे की चोरी का मामला सामने आया था।
पुलिस के अनुसार, एक व्यक्ति ने यूट्यूब वीडियो देखकर यह मान लिया था कि कांटेदार झाऊ चूहा 10 लाख रुपये तक में बिकता है। उसने पहले चूहे के मालिक से उसे खरीदने की कोशिश की, लेकिन मना करने पर कथित तौर पर चूहे को चोरी करवा लिया गया। हालांकि, उसी मामले में वन्यजीव विशेषज्ञ ने 10 लाख रुपये की कीमत वाली बात को गलत बताया था और कहा था कि झाऊ चूहे की ऐसी कोई वास्तविक कीमत नहीं है। यानी लाखों रुपये की कीमत की कहानी सोशल मीडिया की अफवाह से जुड़ी थी।
नारनौल के मामले में भी पुलिस जांच से ही स्पष्ट होगा कि आरोपी वास्तव में झावा मूसा की खरीद-फरोख्त कर रहे थे या उसकी लाखों की कीमत और मुनाफे की कहानी महज ठगी का जाल थी।
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