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    कहीं दूषित पेयजल न बन जाए जानलेवा, नारनौल शहर के कई मोहल्लों में आ रहा गंदा पानी; इसे ही पीने को मजबूर लोग

    Updated: Tue, 06 Jan 2026 06:05 PM (IST)

    नारनौल शहर में जर्जर पेयजल पाइपलाइनों के कारण कई मोहल्लों में दूषित और बदबूदार पानी की आपूर्ति हो रही है। मोहल्ला माली टिब्बा जैसे क्षेत्रों में 20 सा ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. नारनौल में जर्जर पाइपलाइनों से दूषित और बदबूदार पानी की आपूर्ति

    2. मोहल्ला माली टिब्बा में 20 साल पुरानी पाइपलाइनें टूटी, लोग परेशान

    3. निवासी साफ पानी के लिए अतिरिक्त खर्च कर रहे, स्वास्थ्य जोखिम

    चांद किशोर शर्मा, नारनौल। शहर में स्वच्छता और स्वास्थ्य को लेकर दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर दिखा रही है। जनस्वास्थ्य विभाग नारनौल की ओर से शहर के गली मोहल्लों और बाजारों में कई साल पहले बिछाई गई पेयजल सप्लाई लाइन अब जर्जर हालत में पहुंच चुकी है।

    कई स्थानों पर पाइपलाइन टूट चुकी है, जिससे घरों में दूषित और बदबूदार पानी की सप्लाई हो रही है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को पीने का साफ पानी अपने खर्च से मंगवाना पड़ रहा है या फिर अपने खर्चे पर आरओ और फिल्टर लगवाने को मजबूर हैं।

    यह स्थिति उस समय और भी गंभीर नजर आती है जब हाल ही में इंदौर जैसे स्वच्छता की मिसाल दिए जाने वाले शहर में दूषित पानी पीने से नौ लोगों की मौत की घटना सामने आई थी।

    यह घटना नारनौल सहित अन्य शहरों के लिए चेतावनी है, जहां पुरानी और टूटी पाइपलाइन से दूषित पानी की शिकायतें लगातार सामने आती रहती हैं। मानसून के दौरान कई जगह सीवर लाइन से पानी मिलने की आशंका भी बनी रहती है।

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    मोहल्ला माली टिब्बा, बहरोड रोड पर सप्लाई हो रहा दूषित पेयजल

    शहर के मोहल्ला माली टिब्बा, बहरोड रोड कडियां वाले मंदिर के पास सहित अन्य कई गलियों में पेयजल लाइन की हालत बेहद खराब है। बताया गया है कि इन मोहल्लों में करीब 20 साल पहले सीमेंट की पाइपलाइन डाली गई थी। यह इलाका करीब 800 घरों की बस्ती है, जहां लगभग 4000 लोग रहते हैं।

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    समय के साथ पाइपलाइन कमजोर हो चुकी है और जगह-जगह से टूटने के कारण गंदा पानी सप्लाई में मिल रहा है। मोहल्ला माली टिब्बा निवासी नरेश कुमार, सुरेशचंद, राजेंद्र और मनोज कुमार का कहना है कि पिछले तीन महीनों से घरों में अत्यधिक बदबूदार और काला पानी आ रहा है।

    जैसे ही सप्लाई शुरू होती है, पहले दस मिनट तक पानी एकदम काला आता है, बाद में मटमैला हो जाता है। यह पानी न पीने योग्य है और न ही घरेलू उपयोग के लायक। इस पानी से हाथ तक नहीं धोए जा सकते, मजबूरी में लोग इसे पौधों में डाल रहे हैं, जिससे मिट्टी भी काली पड जाती है।

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    कई बार सौंपा मांगपत्र, समय पर हो रही बिल अदायगी बावजूद भी समाधान नहीं

    निवासियों का कहना है कि वे नियमित रूप से जनस्वास्थ्य विभाग को पानी का बिल अदा करते हैं, इसके बावजूद साफ पेयजल नहीं मिल रहा। कई लोग अब पानी के कैंपर मंगवाने लगे हैं, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ रहा है। मोहल्लेवासियों ने जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय में जाकर मांगपत्र भी सौंपा है, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

    शहर में बार-बार दूषित पानी की शिकायतें यह सवाल खडा कर रही हैं कि कहीं नारनौल भी इंदौर जैसी किसी बडी स्वास्थ्य त्रासदी की ओर तो नहीं बढ रहा। समय रहते यदि जर्जर पाइपलाइन बदली नहीं गई और सप्लाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई, तो यह समस्या किसी बडे हादसे का कारण बन सकती है।


    घरों में नाली का पानी आ रहा है। इसे पीना तो दूर हाथ भी नहीं धोए जा सकते। पानी के लिए पूरा मोहल्ला ही परेशान है। लोगों ने जन स्वास्थ्य विभाग कार्यालय में जाकर अवगत करवा दिया गया है। परंतु अधिकारियों ने समस्या का समाधान नही किया है।
    - जय सिंह मोहल्ला माली टिब्बा वासी

    पीने का पानी लोगों के घरों में विभाग का कर्मचारी तीन दिनों में सप्लाई करता है। जन स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी के द्वारा जब भी मोहल्लें में पीने का पानी छोडता है। वह पीने का पानी काफी गंदा तथा बदबूदार होता है। जोकि घरों में प्रयोग करने लायक नही होता है।
    - संदीप मोहल्ला माली टिब्बा वासी

    यह भी पढ़ें- साहिबाबाद के लोग शुद्ध पेयजल के नाम पर पी रहे दूषित पानी, भूजल का टीडीएस 1700 तक बढ़ा हुआ मिला

    खराब पानी में काफी मात्रा में बैक्टिरिया आते रहते हैं। तथा काफी लोग पानी को पीने से काफी लोग अकसर बीमार पड जाते हैं। नागरिक अस्पताल में अक्सर उल्टी दस्त से पीडित इलाज करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। जब भी लोग घरों में पीने के पानी प्रयोग करें। तो साफ पानी होना चाहिए तथा पानी काे अच्छे तरीके से उबालकर ठंडा करने के बाद ही पीयें। ऐसा करने से लोग बीमार होने से बच जाते हैं।


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    - डाॅ. जितेंद्र यादव, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल 

    शहर में पेयजल लाइन को दुरुस्त करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। पेयजल सप्लाई के कर्मचारियों की टीम के साथ जाकर मौके का मुआयना किया जाएगा। तथा शहर में जहां पर भी पेयजल लाइन टूटी हुई है। उन लाइनों को जल्दी ठीक करवाया जाएगा। ताकि लोगों को पीने का पानी साफ सुथरा मिल सके।


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    - मुकेश शर्मा, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग