यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
तो बच जाती मासूमों की जान... महेंद्रगढ़ हादसे से पहले ग्रामीणों ने रुकवा ली थी बस, प्रिंसिपल की एक गलती ने छीन लिए कई घरों के चिराग
Mahendragarh School Bus accident हादसे के बाद ड्राइवर के नशे में होने की बात सामने आई थी लेकिन अब स्कूल के प्रिंसिपल की भी लापरवाही सामने आई है। बस के ...और पढ़ें

जेएनएन, महेंद्रगढ़। Mahendragarh School Bus accident हरियाणा के महेंद्रगढ़ में बीते दिन हुए स्कूल बस हादसे में छह मासूम बच्चों की जान चले गई। हादसे के बाद ड्राइवर के नशे में होने की बात सामने आई थी, लेकिन अब स्कूल के प्रिंसिपल की भी लापरवाही सामने आई है। दरअसल, यह बात सामने आई है कि ग्रामीणों ने ड्राइवर के शराब पीकर बस चलाने के बारे में बताया था, लेकिन प्रिंसिपल ने कहा कि अभी बस जाने दें, कल चालक को निलंबित कर दिया जाएगा।
तो बच जाती सबकी जान...
जानकारी के अनुसार, जब ग्रामीणों ने बस को रुकवाया तो उन्होंने ड्राइवर से बस की चाबी भी छीन ली थी और उसे आगे जाने को रोक दिया था, लेकिन तभी जब प्रिंसिपल को फोन किया गया तो उसने बस चालक को आज के लिए चाबी देने को कहा। अगर उस समय प्रिंसिपल सूझबूझ से काम लेते तो बच्चों की जान बच जाती।
जांच के आदेश जारी
शिक्षा मंत्री ने भी इसकी जांच का आदेश दिया है कि प्रिंसिपल को जब बताया तब भी उसने कुछ नहीं किया। मंत्री ने कहा कि वो पता लगाएंगे कि क्या ऐसा हुआ था।
चालक और प्रिंसिपल पर FIR
घटना पर शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि आदेशों की अवहेलना करने वालों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस घटना में जिम्मेदार बस चालक, स्कूल संचालक व प्रिंसिपल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं स्कूल की मान्यता भी रद्द की जाएगी।
बस में सवार थे 43 बच्चे, 15 गंभीर रूप से घायल
बता दें कि कनीना के जीएलपी स्कूल की एक बस जब कनीना से धनौंदा जाने वाली सड़क पर कन्या महाविद्यालय के पास मोड़ ले रही थी, तभी बस पलट गई। इस बस में 43 बच्चे सवार थे। हादसे के बाद 6 बच्चों की मौत हो गई और 15 गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।