होटलों पर करते थे गोमांस की सप्लाई, मेवात पुलिस ने दबोचे 7 गोतस्कर; 15 के खिलाफ मुकदमा दर्ज
मेवात के फिरोजपुर झिरका में एंटी-सीएस स्टाफ ने गोमांस तस्करी के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया। छापेमारी में 378 किलो गोमांस, ₹4.04 लाख नकद और अन्य सामान ...और पढ़ें
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एंटी सीएस स्टाफ द्वारा पकड़ी गई ब्रेजा कार इससे गोमांस की सप्लाई करते थे आरोपित। पुलिस
HighLights
फिरोजपुर झिरका में गोमांस तस्करी रैकेट का भंडाफोड़।
378 किलो गोमांस, ₹4.04 लाख नकद बरामद।
सात आरोपी गिरफ्तार, 15 के खिलाफ मामला दर्ज।
नरेश गर्ग, फिरोजपुर झिरका (मेवात)। शहर के वार्ड 15 में कभी ऊंटों के मीट मंडी लगती थी लेकिन अब गोमांस की मंडी लगने लगी है। जिसका जीता जागता प्रमाण है एंटी सीएस स्टाफ द्वारा रविवार को इस जगह पर दबिश देकर काफी मात्रा में गोमांस यानी कि तीन क्विंटल 78 किलोग्राम, चार लाख चार हजार रुपये नगदी, नोट गिनने की मशीन, औजार, बाइकें एवं इलेक्ट्रानिक कांटा बरामद करने के साथ-साथ सात आरोपितों को दबोचकर 15 के विरुद्ध मामला दर्ज किया है।
बड़े पैमाने हो रहे इस अवैध धंधे में पुलिस की सह से इन्कार नहीं किया जा सकता। पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में हैं।
वार्ड-15 में कुछ लोगों द्वारा पिछले काफी वर्षों से ऊंटों की निर्ममता से हत्या कर उनकी मीट मेवात की होटलों के साथ-साथ गुरुग्राम-दिल्ली सहित कई महानगरों में सप्लाई किया जाता था। हालांकि, पुलिस की टीम ने इन पर दबिश देकर कुछ आरोपितों के पास से जिंदा ऊंट बचाने के साथ-साथ ऊंटों की मीट भी बरामद किया था।
वार्ड के कुछ लोगों के विरुद्ध पहले भी पुलिस थानों में ऊंट तस्करी तथा ऊंटों का मीट बेचने के कई मामले दर्ज हैं। लेकिन ऊंटों का मीट बेचने के बाद अब ये गोमांस बेचने के अवैध धंधे में शामिल हो गए।
एंटी सीएस स्टाफ प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार को गोमांस, नगदी, वाहनों एवं औजारों के साथ पकड़े गए सात गोतस्करों से प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि इन्होंने वार्ड-15 में बनाए गोदाम में कई बड़े-बड़े डी फ्रीज रखे हुए हैं। इनमें गोमांस को रखते हैं।
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यहीं पर ये लोगों को गोमांस बेचते हैं तथा यहीं से ही गोमांस की महानगरों के साथ- साथ मेवात की होटलों पर सप्लाई की जाती है।
अल सुबह से इनका गोमांस बेचने का काम शुरू हो जाता है। काफी संख्या में लोग यहां पर बाइकों से गोमांस खरीदकर गावों में सप्लाई करने के लिए ले जाते हैं। बताया गया है कि ब्रेजा कार, ईको एवं पिकअप मे गोमांस भरकर ये गुरुग्राम- दिल्ली तथा मेवात की काफी होटलों पर सप्लाई करते रहे हैं। उन्होंने बताया कि गोमांस बेचने के इस अवैध धंधे में इनको काफी मोटी कमाई हो रही थी।
पुलिस संरक्षण से नहीं किया जा सकता इंकार
यह मामला पिछले काफी समय से चला आ रहा है। कहने को यदाकदा यहां पुलिस हल्की फुल्की कार्रवाई की। लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह खेल बगैर पुलिस ने नहीं हो सकता। यह एरिया सीटी थाने के अंदर आता है। बताया गया है कि पुलिस संरक्षण में यह सब खेल हो रहा था। पुलिस व अवैध धंधे करने वालों में आपसी सेटिंग थी। जिस कारण यह धंधा फल फूल रहा था।
सिराज है मास्टरमाइंड
वार्ड-15 में गोमांस बेचने के मामले का मुख्य आरोपित सिराज पुत्र शमशू है। इसको गिरफ्तार करने के बाद सारे मामले का पर्दाफाश होगा कि यह कहां से गोमांस खरीदता था और कब से इस अवैध काम को कर रहा है।
इनके अलावा और कौन-कौन इनके साथ इस अवैध काम में शामिल हैं, कौन-कौन व्यक्ति यहां पर आकर इनसे गोमांस खरीदते थे और गुरुग्राम-दिल्ली सहित कई महानगरों एवं मेवात की किन-किन होटलों पर ये गोमांस की सप्लाई करते थे।