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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    नूंह में 28 अगस्त की जलाभिषेक यात्रा पर असमंजस, अभी तक नहीं मांगी गई अनुमति; हिंसा के बाद रह गई थी अधूरी

    By Jagran NewsEdited By: Shyamji Tiwari
    Updated: Wed, 16 Aug 2023 06:25 PM (GMT+05:30)

    Nuh Violence हरियाणा के नूंह में 31 जुलाई को जलाभिषेक यात्रा पर पथराव और हिंसा के बाद अधूरी यात्रा के फिर से निकालने पर असमंजस है। अभी तक किसी ने यात् ...और पढ़ें

    नूंह में 28 अगस्त को जलाभिषेक यात्रा निकालने पर असमंजस, अभी तक नहीं मांगी गई अनुमति
    नूंह में 28 अगस्त को जलाभिषेक यात्रा निकालने पर असमंजस, अभी तक नहीं मांगी गई अनुमति

    नूंह, ऑनलाइन डेस्क हरियाणा के नूंह में 31 जुलाई को जलाभिषेक यात्रा पर पथराव और हिंसा के बाद अधूरी यात्रा को फिर से वीएचपी ने फिर से निकालने को कहा है। रविवार को पलवल में हुई महापंचायत में हिंदू संगठनों की तरफ से फिर से जलाभिषेक यात्रा निकालने के साथ कई अन्य फैसले लिए गए थे। हालांकि, अभी तक यात्रा निकालने पर असमंजस बरकरार है।

    किसी ने यात्रा की नहीं मांगी अनुमति

    28 अगस्त को विहिप द्वारा यात्रा निकालने की बात पर नूंह के उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा का कहना है कि किसी ने यात्रा के लिए अभी अनुमति मांगी ही नही है। अगर अनुमति के बाद 28 अगस्त को फिर से जलाभिषेक यात्रा निकाली जाती है तो सरकार व प्रशासन के सामने व्यवस्था बनाए रखने को लेकर बड़ी चुनौती होगी।  

    28 अगस्त को सावन का अंतिम सोमवार

    खास बात है कि अब तक मेवात में माहौल पूरी तरह शांत नहीं हो पाया है। प्रशासन उपद्रवियों पर कार्रवाई कर रहा है। बता दें कि 28 अगस्त को अंतिम सोमवार है। ऐसे में संभावना है कि इस यात्रा में ब्रजमंडल के बजरंग दल और विहिप के कार्यकर्ता व पदाधिकारियों समेत अन्य श्रद्धालु भाग लेंगे।

     नूंह हिंसा में छह लोगों की हुई थी मौत

    इससे पहले 31 जुलाई को विश्व हिंदू परिषद द्वारा निकाली गई ब्रज मंडल यात्रा पर उपद्रवियों ने पथराव कर दिया था। इसके बाद हिंसा भड़की। कई जगहों पर गोलीबारी भी हुई थी। यात्रा पर पथराव और फायरिंग के बाद भड़की हिंसा में गुरुग्राम के दो होमगार्ड समेत छह लोगों को मौत हो गई थी।

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    नूंह (मेवात) में हुई हिंसा की आग पड़ोसी जिलों में देखने को मिली थी। हिंसा के बाद से प्रशासन की उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। करीब 400 लोगों की गिरफ्तार हो चुकी है। साथ ही हिंसा के मामले में 150 से अधिक एफआईआर भी दर्ज की गई।