यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ठगों को नहीं 'क ख ग' का ज्ञान, पर इंटरनेट चलाने में महारत हासिल; मुगलकालीन नकली सिक्के देख उड़े होश
हरियाणा की नूंह पुलिस ने एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 15 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह के सदस्य अनपढ़ है लेकिन इंटरनेट मीडिया में इन्हें म ...और पढ़ें

HighLights
- उत्पाद का इंटरनेट पर विज्ञापन देकर करते थे ठगी।
- मुगलकालीन सोने के नकली सिक्के व सोने की ईंट बरामद।
- कर्नाटक, केरल-तमिलनाडु के अलावा कई राज्यों के लोगों को ठग चुके।
जागरण संवाददाता, नूंह। कखग का ज्ञान नहीं, लेकिन सोशल मीडिया में इतना दक्ष की पल भर में अच्छे-अच्छे काे फर्जी विज्ञान डालकर अपने झांसे में फंसाने में महारत हासिल है मेवात के साइबर ठगों में। जिले की साइबर पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर 15 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है।
ये साइबर ठग कर्नाटक, केरल तमिलनाडु के अलावा कई राज्यों में लोगों को इंटरनेट के माध्यम से फर्जी विज्ञापन देकर ठगी करके लोगों को चूना लगा चुकें हैं। अलग-अलग गांवों से पकड़े गए साइबर ठगों के विरुद्ध पुलिस ने 12 मामले दर्ज किए हैं। आरोपितों से पुलिस ने 20 मोबाइल व 29 फर्जी सिम भी बरामद की है।

(साइबर ठगों के पास से 250 मुगलकालीन सोने के नकली सिक्के बरामद किए गए। जागरण फोटो)
एक सोने की ईंट भी बरामद
इसके अलावा पुलिस ने साइबर ठगों से 250 मुगलकालीन सोने के नकली सिक्के और एक सोने की ईंट भी बरामद की है। नकली सिक्के व सोने की ईंट व अन्य उत्पादनों का विज्ञान डालकर साइबर ठग पूरे देश में कई राज्यों में ठगी कर चुके हैं। जिसकी जांच की जा रही है।
अलग-अलग गांवों से पकड़े गए साइबर ठग
जिले के अलग-अलग गांवों से पकड़े गए साइबर ठग 30 वर्ष से कम उम्र के हैं, अचरज की बात यह है कि तीन साइबर ठग अंगूठा टेक हैं, लेकिन इंटरनेट चलाने में इतने माहिर हैं कि इंजीनियर को भी फेल कर दें। इसके कई और ठग भी कम ही पढ़ लिखे हैं। पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपितों की सिम की जांच करके यह पता लगाएगी कि आरोपितों ने कितने लोगों को अब तक शिकार बनाया है।
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ये तीनों आराेपित कखग भी नहीं जानते
साइबर ठगी के मामले में मेवात क्षेत्र जामताड़ा के बाद ज्यादा सुर्खियों में रहा है। बीते मंगलवार व बुधवार को दो दिन जिला पुलिस ने चलाए अभियान में 15 साइबर ठगों को धरा है। पुलिस की टीमों की तरफ से चलाए गए अभियान में जिले के बदरपुर गांव के गफ्फार, बिछोर गांव का रहने वाला इरसाद, घाटा शमशाबाद के रहने वाला असलम भी पकड़े गए हैं। ये तीनों आराेपित कखग भी नहीं जानते हैं।
सोएब बिसरु को भी किया गिरफ्तार
पकड़े गए साइबर ठगों में बावला के साबिर, पाटखोरी के मोहम्मद कैफ, उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के गांव उटावड का नंगला निवासी अजाज, नूंह के गांव सुनारी के शाहरुख, साकरस गांव के सोहिल, पलवल जिले के पचानका गांव के रासिद, सोएब बिसरु को भी गिरफ्तार किया है।
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इसके अलावा राजस्थान के गुलपाडा गांव के अरमान को पकड़ा है। अरमान पर ठगों को फर्जी सिम उपलब्ध कराने के आरोप हैं। नेहदा गांव के अनीश, मुनफेद सुनेडा और अन्य दो ठग भी पकड़े हैं।
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(हरेंद्र कुमार, पुलिस उपाधीक्षक जिला मुख्यालय नूंह। जागरण फोटो)
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पकड़े गए ठगों ने देश के अलग-अलग राज्यों में इंटरनेट के माध्यम से लोगों को नकली सोने के सिक्के, सेक्सटार्सन, फर्जी सामान बेचने व अन्य माध्यम से ठगी की है। आरोपितों द्वारा की गई ठगी के लिए सिम व मोबाइलों की जांच केंद्र की टीम से कराई जाएगी, ताकि कितने लोगों को ठगा इसके बारे में पूरी जानकारी मिल सके। जिन राज्यों के लोगों के साथ ठगी की गई है, वहां की पुलिस को भी सूचित किया गया है। - हरेंद्र कुमार, पुलिस उपाधीक्षक जिला मुख्यालय नूंह