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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    PMKSN: PM किसान सम्मान निधि के लिए अब घर बैठे ही कर सकेंगे ई-केवाईसी, जानिए प्रक्रिया

    By Jagran NewsEdited By: Narender Sanwariya
    Updated: Mon, 26 Jun 2023 05:00 AM (IST)

    यह सुविधा फिंगरप्रिंट और वन-टाइम पासवर्ड की आवश्यकता को भी समाप्त कर देती है। कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी कृषि सचिव मनोज आहूजा अतिरिक्त सचिव प्रमोद ...और पढ़ें

    PMKSN: PM किसान सम्मान निधि के लिए अब घर बैठे ही कर सकेंगे ई-केवाईसी, जानिए प्रक्रिया
    PMKSN: PM किसान सम्मान निधि के लिए अब घर बैठे ही कर सकेंगे ई-केवाईसी, जानिए प्रक्रिया

    चंडीगढ़, राज्य ब्यूरो। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के लाभार्थी किसानों को अब ई-केवाईसी कराने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। केंद्र सरकार द्वारा इस पूरी प्रक्रिया का सरलीकरण करते हुए पीएम किसान मोबाइल एप लांच किया गया है। इस एप के माध्यम से किसान अब घर बैठे ही इस काम को पूरा कर सकते हैं। किसानों को इसके लिए अब ओटीपी या फिंगरप्रिंट की भी जरूरत नहीं रहेगी। फेस आथेंटिकेशन फीचर की मदद से ई-केवाईसी हो जाएगा, साथ ही इसकी मदद से सौ अन्य किसानों का भी ई-केवाईसी किया जा सकता है। नया एप उपयोग में बहुत सरल है। गूगल प्ले स्टोर पर आसानी से डाउनलोड के लिए उपलब्ध है। यह किसानों को योजना एवं पीएम किसान खातों से संबंधित कई जानकारियां देने में सक्षम है।

    यह सुविधा फिंगरप्रिंट और वन-टाइम पासवर्ड की आवश्यकता को भी समाप्त कर देती है। कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी, कृषि सचिव मनोज आहूजा, अतिरिक्त सचिव प्रमोद कुमार मेहरदा और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर कुछ वरिष्ठ अधिकारी थे जिन्होंने इस नए ऐप फीचर के अनावरण में भाग लिया।

    लॉन्च इवेंट के दौरान मेहरदा ने कहा कि पीएम-किसान योजना मोबाइल ऐप पर चेहरे के प्रमाणीकरण के माध्यम से ई-केवाईसी करने वाला पहला सरकारी कार्यक्रम बन गया है। यह सुविधा विशेष रूप से उन बुजुर्ग किसानों के लिए फायदेमंद है जिनके मोबाइल नंबर उनके आधार कार्ड से जुड़े नहीं हैं।

    मेहरदा ने कहा, 'इस फीचर का पायलट परीक्षण इस साल 21 मार्च से चल रहा है। तब से, लगभग 3 लाख किसानों ने इस सुविधा का उपयोग करके सफलतापूर्वक अपना केवाईसी किया है। पहले, पीएम-किसान लाभार्थियों को निर्दिष्ट स्थानों पर बायोमेट्रिक्स का उपयोग करके या उनके आधार से जुड़े पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर भेजे गए वन-टाइम पासवर्ड के माध्यम से ई-केवाईसी पूरा करना होता था।'

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