नूंह में बिजली निगम की लापरवाही ने ली युवक की जान, खंभे पर चढ़ते ही लगा करंट; दो माह पहले हुई थी शादी
नूंह के पुन्हाना में बिजली निगम की कथित लापरवाही से 22 वर्षीय युवक दिलशाद की करंट लगने से मौत हो ...और पढ़ें

मृतक युवक दिलशाद व घटना के बाद मौके पर एकत्रित स्वजन। जागरण
HighLights
नूंह में बिजली निगम की लापरवाही से युवक की मौत।
खंभे पर काम करते समय करंट लगने से हुआ हादसा।
मृतक दिलशाद की ढाई महीने पहले हुई थी शादी।
जागरण संवाददाता, नूंह। पुन्हाना से सटे खेंचातान शमशाबाद गांव में रविवार को देर शाम करीब साढ़े चार बजे बिजली निगम की कथित लापरवाही से एक बडा हादसा हो गया। जिसमें बिजली के खंभे पर काम कराने के लिए चढ़ाए गए प्राइवेट युवक दिलशाद उम्र 22 वर्ष निवासी गोधोला की बिजली के करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई।
इस हादसे में युवक का उल्टा पैर कटकर नीचे गिर गया। हादसे के बाद घटना स्थल पर अफरा तफरी का माहौल बन गया। स्वजन का आरोप है कि युवक को जेई ने काम कराने के लिए बुलाया था और फोरमैन द्वारा लाइन को बंद कराने के लिए परमिट लिया गया।
सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक के शव को कब्जे में लेकर मांडीखेड़ा अस्पताल पोटमार्टम के लिए भिजवा दिया। समय अधिक होने के बाद युवक का रविवार को पोस्टमार्टम नहीं हो पाया।
ढाई महीने पहले ही हुई थी शादी
स्वजन से मिली जानकारी के अनुसार दिलशाद की ढाई महीने पहले ही शादी हुई थी। दो दिन पहले ही वह अपनी पत्नी को उसके मायके में छोड़कर आया था। आरोप है कि रविवार को उसे बिजली निगम के जेई मजलिश ने काम करने के लिए बुलाया था।
फोरमैन के द्वारा परमिट लेने के बाद दिलशाद को एचटी लाइन पर काम करने के लिए चढ़ा दिया गया। जिसके बाद करंट लगने से उसका पैर कटकर नीचे गिर गया और उसे बिजली ने ऊपर ही चिपका लिया। हादसे के बाद उसके साथियों ने आनन फानन में बिजली को बंद कराया और मृत अवस्था में खंभे पर लटके हुए दिलशाद को नीचे उतारा गया।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिजली निगम के फोरमैन और जेई प्राइवेट लड़कों पर चंद पैसों में अपना काम कराते हैं, जिन्हें न तो काम की जानकारी होती है और न ही उन्हें उपकरण दिए जाते हैं। जबकि प्राइवेट व्यक्ति पर नियमानुसार काम नहीं कराया जा सकता।
सवालों के घेरे में बिजली निगम की कार्यप्रणाली
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब लाइन पर काम करने के लिए परमिट लिया गया था, तो बिजली आपूर्ति बंद होने के बावजूद लाइन में करंट कैसे पहुंचा। क्या लाइन को सुरक्षित रूप से अर्थ किया गया था और क्या काम शुरू करने से पहले सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।
जब इस बारे में बिजली निगम के फोरमैन उमर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि परमिट दूसरी लाइन का लिया गया था। दिलशाद दूसरी लाइन पर चढ़ गया।
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