यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Palwal News: खेत पर करंट लगने से पिता-पुत्र की मौत, ट्यूबवेल से पानी चलाने के दौरान हुआ हादसा
पलवल के सदरपुर गांव में एक दर्दनाक हादसा हो गया जहां खेत में पानी लगाने गए पिता-पुत्र की करंट लगने से मौत हो गई। चांदहट थाना पुलिस ने मामले की जांच शु ...और पढ़ें

HighLights
- पलवल के सदरपुर गांव का मामला
- धारा 194 के तहत की गई कार्रवाई
जागरण संवाददाता, पलवल। सदरपुर गांव में खेत में पानी लगाने गए पिता-पुत्र की करंट लगने से मौत हो गई। चांदहट थाना पुलिस द्वारा मामले में मृतकों के शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 194 के तहत कार्रवाई की है।
सदरपुर गांव के रहने वाले श्याम सिंह ने बताया कि उसके 48 वर्षीय चाचा वीरेंद्र खेती-बाड़ी का काम करते हैं। बीती 18 जनवरी की सुबह करीब आठ बजे वीरेंद्र और वीरेंद्र का 22 वर्षीय पुत्र राकेश अपने खेत में बिजली के ट्यूबवेल से पानी चलाने के लिए गए थे। उसी दौरान दोनों को करंट लग गया।

जिला नगर के अस्पताल में जुटे मृतक के स्वजन। फोटो- जागरण
पुलिस ने कब्जे में लिए दोनों शव
देर शाम तक दोनों घर नहीं पहुंचे तो स्वजन ने उन्हें ढूंढना शुरू किया। स्वजन दोनों को ढूंढते-ढूंढते खेत पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि खेत में ट्यूबवेल की मोटर के कमरे में दोनों पिता-पुत्र करंट से झुलसे हुए पड़े हैं।
वह आनन-फानन में ग्रामीणों की मदद से दोनों को लेकर जिला नागरिकता अस्पताल पहुंचा,जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मामले की सूचना चांदहट थाना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर मोर्चरी में भिजवाया।
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हीटर जलाकर सो रहे सेवानिवृत्त प्रोफेसर की मौत
उधर, एक अन्य मामले में कमरे में हीटर चलाकर सोए सेवानिवृत्त प्रोफेसर की जलकर मौत हो गई। सेवानिवृत्त प्रोफेसर ने रात को कमरे में ठंड के कारण हीटर चलाया था और उसे अपनी बेड के नजदीक रखकर सो गए थे। किसी कारण से उनके कमरे में आग लग गई और वह जिंदा जल गए। जब कमरे में धुआं उठा तो पड़ोसियों ने उनके स्वजन को सूचना दी।
सूचना मिलते ही स्वजन सतीश के कमरे मं पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। कालडा कालोनी के रहने वाले मृतक के बेटे ललित कालड़ा ने बताया कि उसके पिता सतीश कालड़ा की उम्र करीब 84 वर्ष थी। वह एसडी कॉलेज से सेवानिवृत्त प्रोफेसर थे । शुक्रवार रात वह मकान के निचले मंजिल पर अपने कमरे में अकेले हीटर जलाकर सोए थे। इस दौरान हीटर से आग लग गई।
धुआं देख पड़ोसियों ने सो रहे घरवालों को जगाया
सतीश कालड़ा ने इस दौरान कमरे से बाहर निकलने का भी प्रयास किया, मगर वह कमरे के दरवाजे के पास ही गिर गए। आग जलने से उनकी प्रोफेसर की मौत हो गई । पड़ोसियों ने धुआं उठते देख मृतक के स्वजन को जगाया। मृतक का बेटा और पुत्रवधू डाक्टर हैं।
मृतक के स्वजन ने तुरंत फायर ब्रिगेड की गाड़ी को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची तो आग पर काबू पाया गया। मृतक के स्जन ने मामले की सूचना कैंप थाना पुलिस को भी दी। पुलिस मौके पर पहुंची तथा. शव कब्जे में लेकर सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम करवा कर स्वजन को सौंप दिया।