यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Palwal News: लोन दिलाने के नाम पर बैंक मैनेजर ने किसान से आठ लाख रुपये हड़पे, जानिए क्या है मामला?
शिकायतकर्ता के अनुसार उसने बैंक मैनेजर से कहा कि लोन देने में 10 प्रतिशत का कमीशन नहीं होता और एनओसी देने की ऐवज में भी ज्यादा पैसे ले लिए हैं। प्रति ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, पलवल। चांदहट थाना अंतर्गत गांव अमरपुर के कोऑपरेटिव सोसाइटी बैंक में भैंस खरीदने के लिए लोन दिलाने के नाम पर किसान से बैंक मैनेजर ने आठ लाख रुपये हड़प लिए। किसान ने पैसे वापस मांगे तो मैनेजर ने गाली गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। चांदहट थाना पुलिस ने मामले में बैंक मैनेजर के विरुद्ध धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
डेयरी खोलने के लिए थी आठ लाख रुपयों की जरूरत
चांदहट थाना प्रभारी दलवीर सिंह के अनुसार मामले में थंथरी गांव के रहने वाले ज्ञान सिंह ने शिकायत दी है कि वर्ष 2020 में उसे भैंसो की डेयरी खोलने के लिए आठ लाख रुपयों की जरूरत थी। इसके लिए उसने अपनी कृषि जमीन पर आठ लाख रुपये लोन लेने के लिए गांव अमरपुर के सोसाइटी बैंक में आवेदन किया था।
उसका लोन स्वीकृत होने पर उसे दो लाख रुपये पहली किस्त के रूप में मिले थे। मगर बैंक मैनेजर जगन तेवतिया ने कोऑपरेटिव सोसायटी बैंक के बाहर आकर उससे वह दो लाख रुपये वापस ले लिए।
बैंक मैनेजर ने कहा कि उसने (ज्ञान सिंह) 50 हजार रुपये का जो लोन ले रखा है, उसकी एन.ओ.सी. के लिए एक लाख रुपये, लोन देने का 10 प्रतिशत कमीशन 80 हजार रुपये, 20 हजार रुपये भैंसों का बीमा होगा। यह राशि बैंक मैनेजर ने गांव के ही रहने वाले हेतराम के सामने वापस ले ली। इसके बाद उसने बैंक से ली किश्त वापस बैंक मैनेजर को लोन चुकता करने के लिए दे दी।
'प्रति भैंस का 225 रुपये में बीमा'
शिकायतकर्ता के अनुसार उसने बैंक मैनेजर से कहा कि लोन देने में 10 प्रतिशत का कमीशन नहीं होता और एनओसी देने की ऐवज में भी ज्यादा पैसे ले लिए हैं। प्रति भैंस का भी 225 रुपये में बीमा होता है। जानबूझकर धोखाधड़ी व छल से उससे दो लाख रुपये ऐंठे गए हैं। उसने बैंक मैनेजर से दो लाख की राशि वापस मांगी।
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वह वर्ष 2020 के सितंबर माह में अपने पैसे वापस लेने के लिए गया तो बैंक मैनेजर जगन तेवतिया ने उसे गंदी-गंदी गालियां दीं और कहा कि वह पैसे वापस नहीं करेगा। मैनेजर ने कहा कि हम जो भी लोन करते हैं, उसका अपना कमीशन लेते हैं। उसने उपरोक्त लोन की सारी किस्त मैनेजर जगन तेवतिया को दे दीं थीं और लोन भरने के बाद भी अभी तक उसे ना तो कोई रसीद दी है और ना ही एनओसी दी गई है।
आरोपित ने धमकी दी है कि यदि उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की तो वह उसे सड़क हादसे में मरवा देगा, किसी झूठे केस में फंसा देगा। शिकायतकर्ता के अनुसार उसने हल्का पटवारी के पास जाकर देखा कि उसकी जमाबंदी के ऊपर आठ लाख रुपये का लोन दर्ज है, जबकि उसे आठ लाख रुपये मिले ही नहीं।