यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
खुशखबरी! 'कम EPF पेंशन ले रहे कर्मचारियों को मिलेगा बुढ़ापा पेंशन का लाभ', हरियाणा बजट सत्र में मुख्यमंत्री को भेजा गया सुझाव
हरियाणा सरकार में करीब सवा लाख कर्मचारी ऐसे हैं जिन्हें ईपीएफ की पेंशन राशि (EPF Pension) राज्य में बुढ़ापा पेंशन (Old Age Pension) से भी काफी कम है। ...और पढ़ें

HighLights
- कम ईपीएफ पेंशन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों को मिले बुढ़ापा पेंशन का लाभ
- बजट के लिए भारतीय मजदूर संघ ने सरकार को दिए एक दर्जन सुझाव
- कच्चे कर्मचारियों को भी महंगाई भत्ता दिए जाने का प्रविधान किया जाना चाहिए
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। Haryana Budget 2024: हरियाणा सरकार में करीब सवा लाख कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्हें ईपीएफ की पेंशन राशि (EPF Pension) राज्य में बुढ़ापा पेंशन (Old Age Pension) से भी काफी कम है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार राज्य में तीन हजार रुपये मासिक बुढ़ापा पेंशन दे रही है, जबकि ईपीएफ से पेंशन की राशि एक हजार रुपये से लेकर दो हजार रुपये मासिक तक ही मिल पा रही है।
'ईपीएफ पेंशन के लोगों को मिले बुढ़ापा पेंशन योजना का लाभ'
भारतीय मजदूर संघ ने वित्त मंत्री के नाते मुख्यमंत्री मनोहर लाल को बजट पर एक सुझाव पत्र सौंपा है। जिसमें मांग की गई है कि जिन कर्मचारियों को ईपीएफ पेंशन बुढ़ापा पेंशन से भी कम मिल रही है। उन कर्मचारियों को बुढ़ापा पेंशन योजना का लाभ दिया जाना चाहिए।
इन मुद्दों पर मुख्यमंत्री को भेजे गए सुझाव
भारतीय मजदूर क्षेत्र के संगठन मंत्री पवन कुमार से चर्चा के उपरांत प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार और महामंत्री हवा सिंह मेहला ने मुख्यमंत्री को 10 बिंदुओं पर अपने सुझाव भेजे हैं।
पहले सुझाव में कहा गया है कि आउटसोर्स पॉलिसी-2 के अंतर्गत सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को चिरायु आयुष्मान योजना में शामिल किया जाना चाहिए। साथ ही ऐसे कच्चे कर्मचारी जो, सरकार के प्रत्यक्ष रोल पर कार्यरत हैं, उन्हें महंगाई भत्ते के लाभार्थियों की श्रेणी में शामिल किया जाए।
कर्मचारियों को 58 साल की आयु तक रोजगार की सुरक्षा देने की मांग
भारतीय मजदूर संघ ने कहा है कि सभी कर्मचारियों को 58 साल की आयु तक रोजगार की सुरक्षा दी जाए। पॉलिसी पार्ट-1 व पार्ट-2 तथा हरियाणा कौशल रोजगार निगम के अंतर्गत काम करने वाले सभी कर्मचारियों को एलटीसी एवं ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए।
बोनस कानून के अंतर्गत आने वाले कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा का प्रविधान जरूरी है। सभी स्कीम वर्कर्स के अंतर्गत काम करने वाले कामगारों के लिए राज्य सरकार को सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था संबंधी पॉलिसी की व्यवस्था बजट में करनी चाहिए।
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ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योगों के विस्तार की बताई जरुरत
भारतीय मजदूर संघ ने ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योगों के विस्तार की जरूरत बताते हुए कहा कि इससे ग्रामीण युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलेगा और काम के लिए उन्हें शहरों में पलायन नहीं करना पड़ेगा।
पैक्स सोसाइटियों को मजबूत करने के लिए ऋण वसूली की ठोस योजना बनाने का अनुरोध भी भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने सरकार से किया है। न्यूनतम वेतन मजदूरी फॉर्मूला में बदलाव कर छह व्यक्तियों पर आधारित कंपनी में न्यूनतम वेतन का प्रविधान किया जाना चाहिए। मजदूर संघ ने कहा है कि राज्य सरकार को पुरानी पेंशन नीति बहाल करनी चाहिए।