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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Haryana: केंद्र ने लगाई हरियाणा के गरीब परिवारों की सूची पर मुहर, नए वित्तीय वर्ष से राशन में मिलेगी ये खाद्य सामग्री

    Updated: Sun, 04 Feb 2024 10:51 PM (GMT+05:30)

    हरियाणा के गरीब परिवारों की सूची पर केंद्र सरकार ने मुहर लगा दी है। इसके बाद अब प्रदेश में राशन की कमी नहीं होगी। नए वित्तीय वर्ष से बीपीएल परिवारों क ...और पढ़ें

    केंद्र ने लगाई हरियाणा के गरीब परिवारों की सूची पर मुहर।
    केंद्र ने लगाई हरियाणा के गरीब परिवारों की सूची पर मुहर।

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के गरीब (बीपीएल) परिवारों को अब राशन लेने में किसी तरह की परेशानी नहीं आएगी। केंद्र व राज्य सरकार की बीपीएल सूची में अंतर होने की वजह से केंद्र की ओर से राशन का आवंटन समय से नहीं हो पा रहा था। हरियाणा सरकार ने केंद्र को अपने बीपीएल परिवारों की लिस्ट भेजकर अवगत कराया है कि यहां 1.20 की बजाय 1.80 रुपये वार्षिक आय वाले परिवार को बीपीएल की श्रेणी में रखा गया है।

    इसे समझते हुए केंद्र सरकार ने हरियाणा के गरीबों के लिए अधिक राशन का आवंटन करने की सहमति दे दी है। इस बारे में राज्य सरकार के पास केंद्र का पत्र पहुंच चुका है।

    हरियाणा के डिप्टी सीएम के नाते खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री दुष्यंत चौटाला ने रविवार को चंडीगढ़ में बताया कि राज्य सरकार उन बीपीएल परिवारों को भी उनके हिस्से का बचा हुआ राशन देगी, जो केंद्र की ओर से समय से आवंटन के अभाव में राशन से वंचित रह गए थे। इसी वित्तीय वर्ष से सरकार ने नागरिकों को सरसों व सूरजमुखी का तेल आवंटित करने का भी निर्णय लिया है। पहले डीबीटी के माध्यम से तेल की राशि खातों में भेजी जा रही थी। सरकार ने यह भी विकल्प दिया है कि कोई भी परिवार सरसों या सूरजमुखी के तेल का विकल्प चुन सकता है।

    BPL श्रेणी में जुड़े 57 लाख नये नागरिक

    राज्य में दिसंबर 2022 तक बीपीएल राशनकार्डों की संख्या 26 लाख 94 हजार 484 थी और लाभार्थियों की संख्या 1.22 करोड़ दर्ज की गई थी। नये बीपीएल कार्ड बनने व उनका डाटा परिवार पहचान पत्र से लिंक करने के बाद ऐसे परिवारों की संख्या कम होने की बजाय बढ़ी है, जो कि 44 लाख 86 हजार 954 पर पहुंच गई, जबकि लाभार्थियों की संख्या 1.79 लाख दर्ज की गई। 57 लाख नये नागरिक बीपीएल श्रेणी में जुड़े हैं, जिन्हें गरीबों को मिलने वाली सारी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

    डिप्टी सीएम ने बताया कि हरियाणा सरकार ने सवा चार सालमें सड़कों को बेहतर बनाने के लिए मजबूत कदम उठाए हैं। राज्य में 20 हजार 399 किलोमीटर सड़कों का नेटवर्क केंद्र व राज्य सरकार के फंड से सुधारा गया है। राज्य में दुर्घटना वाले 350 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए थे। उन्हें दूर करने का काम चल रहा है। 300 अतिरिक्त संभावित ब्लैक स्पॉट को चिन्हित कर उन्हें खत्म करने की सहमति केंद्र सरकार से ली जा चुकी है।

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    क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज कर सकते फसल का ब्यौरा

    उन्होंने राज्य में रुक-रुक कर हो रही बरसात पर कहा कि एक फरवरी से एक मार्च तक राज्य में जनरल गिरदावरी कराई जाएगी। किसानों को यह सुविधा दी गई है कि वे क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपनी नुकसान हुई फसल का स्वयं ब्योरा दर्ज कर सकते हैं। दुष्यंत के अनुसार, राज्य सरकार राजस्व विभाग को नीचे तक डिजिटल करने के अभियान में लगी है। कानूनगो व पटवारखाने तक सारा रिकॉर्ड 2024 के अंत तक डिजिटलाइज कर दिया जाएगा। राज्य में 125 गांव गैर चकबंदी वाले चिन्हित हुए थे, जो अब 54 रह गए हैं। इस साल के अंत तक जिन गांवों में चकबंदी को लेकर लिटिगेशन नहीं हैं, वहां चकबंदी का काम भी पूरा कर लिया जाएगा।

    हरियाणा सरकार द्वारा लिए जाने वाले फैसले

    • राज्य में 29 फरवरी के बाद प्लास्टिक की बोतल में शराब नहीं बिकेगी।
    • वाटर लॉगिंग की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए बजट में 1500 करोड़ का प्रविधान किया जाएगा।
    • कोविड के बाद भर्तियों की गति में कमी आई है। कर्मचारी चयन आयोग से कहा गया है कि समूह तीन व चार की भर्तियों को जल्दी पूरा किया जाएगा।
    • राज्य के अग्निशमन विभाग में 1800 फायरमैन भर्ती होंगे।

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