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    'देश के लिए सबसे ज्यादा पदक लाने वाले हरियाणा को मिले राष्ट्रमंडल खेलों 2030 की मेजबानी', कांग्रेस सांसदों ने किया प्रदर्शन 

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 06:45 PM (IST)

    कांग्रेस सांसदों ने 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी में हरियाणा की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग को लेकर संसद में प्रदर्शन किया। ...और पढ़ें

    संसद में कांग्रेस सांसदों ने किया प्रदर्शन। फोटो जागरण

    संसद में कांग्रेस सांसदों ने किया प्रदर्शन। फोटो जागरण 


    HighLights

    1. कांग्रेस सांसदों ने 2030 राष्ट्रमंडल खेलों में हरियाणा की मेजबानी का मुद्दा उठाया।

    2. हरियाणा ने 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में सर्वाधिक 7 स्वर्ण पदक जीते।

    3. केंद्र सरकार ने गुजरात को प्राथमिकता दी, हरियाणा के साथ अन्याय।

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। राष्ट्रमंडल खेल 2030 की मेजबानी में हरियाणा की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग को लेकर हरियाणा के कांग्रेस सांसदों ने लगातार दूसरे दिन संसद परिसर में प्रदर्शन किया। रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा, हिसार के सांसद जयप्रकाश जेपी, अंबाला के सांसद वरुण मुलाना और सोनीपत के सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने एक स्वर में मांग उठाई।

    यदि भारत को 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी मिलती है तो हरियाणा को मेजबान अथवा कम से कम सह-मेजबान राज्य बनाया जाए। सांसदों ने कहा कि देश के लिए सबसे अधिक पदक जीतने वाले राज्य की उपेक्षा खेल भावना और राष्ट्रीय हित दोनों के विपरीत है।

    खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें

    सांसदों ने कामनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले सभी भारतीय खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि भारत के 13 स्वर्ण पदकों में से सात स्वर्ण पदक अकेले हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते हैं। देश का लक्ष्य केवल खेलों की मेजबानी तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल करना होना चाहिए। इसके लिए हरियाणा जैसे खेल प्रधान राज्य में विश्वस्तरीय खेल ढांचे का निर्माण आवश्यक है, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

    कांग्रेस सांसदों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने उनकी उस मांग को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया, जिसमें भारत को 2030 राष्ट्रमंडल खेल और 2036 ओलिंपिक की मेजबानी मिलने की स्थिति में हरियाणा को भी आयोजन का हिस्सा बनाने की अपील की गई थी। उनका कहना था कि खेल मंत्रालय की ओर से यह घोषणा कर दी गई है कि आयोजन केवल गुजरात (अहमदाबाद) में होंगे और 2036 ओलिंपिक की बोली भी उसी शहर के लिए पेश की जा रही है। सांसदों ने इसे हरियाणा के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि अब इस मुद्दे पर हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।

    सांसदों ने यह भी आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार ने राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी या सह-मेजबानी के लिए कोई प्रस्ताव तक नहीं भेजा। उन्होंने राज्य सरकार से तत्काल प्रस्ताव भेजने और केंद्र सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। कांग्रेस सांसदों ने ''खेलो इंडिया'' बजट के आवंटन का भी मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश के 3,500 करोड़ रुपये के बजट में गुजरात को 600 करोड़ रुपये दिए गए, जबकि सबसे अधिक पदक दिलाने वाले हरियाणा को केवल 80 करोड़ रुपये मिले।