यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Haryana News: बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी, अब 15 दिनों के भीतर मिलेंगे नये कनेक्शन
हरियाणा में बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी है। अब नए बिजली कनेक्शन पाने के लिए उन्हें अधिक समय का इंतजार नहीं करना होगा। दरअसल हरियाणा विद्युत विनिया ...और पढ़ें

HighLights
- हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग ने किए बिजली आपूर्ति संहिता में महत्वपूर्ण संशोधन
- मेट्रोपालिटन शहरों में तीन दिन, शहरों में सात और ग्रामीण क्षेत्रों में 15 दिनों में मिलेंगे कनेक्शन
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के बिजली उपभोक्ताओं को अब नये बिजली कनेक्शन प्राप्त करने में अधिक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) ने बिजली कनेक्शन देने की समय सीमा निर्धारित कर दी है।
मेट्रोपॉलिटन शहरों में उपभोक्ताओं को पूर्ण आवेदन जमा करने के तीन दिनों के भीतर बिजली कनेक्शन प्राप्त होगा, जबकि नगर क्षेत्रों में यह कनेक्शन सात दिनों के भीतर प्रदान किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कनेक्शन प्राप्त करने की समय सीमा 15 दिनों की रखी गई है।
संशोधन का उद्देश्य उपभोक्ताओं को कम समय में अधिक राहत देना
हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग के चेयरमैन नंद लाल शर्मा और सदस्य मुकेश गर्ग ने बिजली आपूर्ति संहिता में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। इन संशोधन का उद्देश्य बिजली विभाग की कार्यप्रणाली में अधिक त्वरता लाते हुए उपभोक्ताओं को कम समय में अधिक संतुष्टि और राहत प्रदान करना है।
घाटे से उबरकर फायदे की स्थिति में बिजली निगम
बिजली विभाग के अधिकारी यदि निर्धारित समय अवधि में उपभोक्ताओं को बिजली के कनेक्शन प्रदान नहीं कर पाते तो उनकी जवाबदेही तय की जाएगी। हरियाणा के बिजली निगम अपनी कार्यप्रणाली में सुधार के चलते अब घाटे से उबरकर लाभ की स्थिति में आ चुके हैं, लेकिन कई कार्यालय अभी भी ऐसे हैं, जिनकी कार्यप्रणाली के चलते पूरे बिजली विभाग को सरकार व उपभोक्ताओं के निशाने पर रहना पड़ता है।
वोल्टेज स्तर के आधार पर तय की स्पष्ट समय सीमा
हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग के चेयरमैन नंद लाल शर्मा ने बताया कि जहां नए कनेक्शन जारी करने या मौजूदा कनेक्शन में संशोधन के लिए वितरण नेटवर्क के विस्तार की आवश्यकता होती है, वहां एचईआरसी ने वोल्टेज स्तर के आधार पर स्पष्ट समय सीमा निर्धारित की है। इसमें निरीक्षण, डिमांड नोटिस जारी करने और उसके बाद बिजली आपूर्ति जारी करने के लिए समय सीमा शामिल है।
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उदाहरण के लिए, लो टेंशन (एलटी) नेटवर्क पर कनेक्शनों के लिए डिमांड नोटिस के पालन के 20 दिनों के भीतर आपूर्ति जारी की जानी चाहिए। 33 केवी से ऊपर के ट्रांसमिशन सिस्टम पर कनेक्शनों के लिए यह समय सीमा 142 दिनों तक हो सकती है।
चेयरमैन ने बताया कि बिजली आपूर्ति संहिता के संशोधन में डिमांड नोटिस के निर्गमन को अनुकूलित करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है, जो कनेक्शन प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम है। नए नियम यह सुनिश्चित करते हैं कि कनेक्शन की तकनीकी व्यवहार्यता का आकलन करने के बाद डिमांड नोटिस समय पर जारी किए जाएं। यह कदम समग्र समय सीमा को बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि प्रक्रिया अनावश्यक देरी के बिना आगे बढ़े।
बिजली बिल में शुरू की भाषा वरीयता
उन्होंने बताया कि संशोधनों का एक और महत्वपूर्ण पहलू बिजली बिलों के लिए भाषा वरीयता की शुरूआत है। अब उपभोक्ताओं को अपनी पसंद के अनुसार हिंदी या अंग्रेजी में अपने बिल प्राप्त करने का विकल्प मिलेगा। इस पहल से बिलिंग को अधिक सुलभ और समझने योग्य बनाने की उम्मीद है, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जिन्हें वर्तमान प्रणाली में भाषा की बाधाओं का सामना करना पड़ता है।