यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
खुशखबरी! हरियाणा में कच्चे कर्मचारियों की रिटायरमेंट तक नौकरी सेफ, 240 दिन तक काम की शर्त हटी
हरियाणा विधानसभा ने बुधवार को संविदात्मक कर्मचारी सेवा की सुनिश्चितता संशोधन विधेयक पारित किया जिससे पांच साल पुराने कच्चे कर्मचारियों (Haryana Contra ...और पढ़ें

HighLights
- पारित हुआ संविदात्मक कर्मचारी सेवा की सुनिश्चितता संशोधन विधेयक
- हरियाणा बागवानी पौधशाला विधेयक भी विधानसभा में रखा गया
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में पांच साल पुराने कच्चे कर्मचारियों (Haryana Contractual Jobs) की नौकरी 58 साल की सेवानिवृत्ति आयु तक सुरक्षित करने में बड़ी अड़चन हट गई है। बुधवार को संविदात्मक कर्मचारी सेवा की सुनिश्चितता संशोधन विधेयक पारित कर दिया गया, जिसमें किसी कर्मचारी की नौकरी सुरक्षित करने के लिए कैलेंडर वर्ष में 240 दिन काम की शर्त हटा दी गई है।
इसके अंतर्गत 15 अगस्त, 2014 तक पांच साल की सेवाएं पूरी करने वाले कच्चे कर्मचारियों की सर्विस को सिक्योरिटी दी जाएगी। उन्हें सेवानिवृत्ति आयु तक सरकारी सेवा में रखा जाएगा।
विधानसभा में रखा गया विधेयक
वहीं, विधानसभा में हरियाणा बागवानी पौधशाला विधेयक और अपर्णा संस्था (प्रबंधन तथा नियंत्रण ग्रहण विधेयक) भी सदन पटल पर रख दिया गया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने जैसे ही संविदात्मक कर्मचारी सेवा की सुनिश्चितता संशोधन विधेयक सदन पटल पर रखा, कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने कहा कि बिल पर चर्चा के लिए समय बढ़ाना चाहिए।
इस पर कैबिनेट मंत्री अनिल विज (Anil vij) ने कहा कि मैं इस सदन में 25 साल से हूं। मैं सात बार का विधायक रहा हूं। मुझे पता है कि इस सदन में बिल कैसे पास होते थे। हुड्डा साहब के टाइम में विपक्ष को हाथ पकड़कर बाहर कर दिया जाता था। एक बार तो इन्होंने मुझे बिना बोले ही बाहर बैठा दिया।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने सदन में विधेयक को पास करने का प्रस्ताव रखा। इसका विरोध करते हुए कांग्रेस के विधायक डॉ. रघुबीर कादियान ने कहा कि ये जो जल्दी में बिल पास हो रहे हैं, इस पर हमारे विपक्ष पर भी सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री जल्दी में हैं।
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सबको जाने में जल्दी हो रही है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि आप इस विधेयक पर बोल सकते हैं। मैं सदन का टाइम और बढ़ा दूंगा।
विधानसभा समितियों की बैठक से कन्नी न काटें विधायक
विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि मुझे सदन में यह बताना बड़ा बुरा लगेगा कि विधानसभा समितियों की बैठक में कई सदस्य विधायकों की हाजिरी बेहद कम है। वे बैठक में आते ही नहीं। हालांकि मैं किसी का नाम सदन में नहीं लेना चाहता, लेकिन उनको बैठक में आना चाहिए।
उन्होंने सभी सदस्यों से अनुरोध किया है कि समितियों की बैठकों में एजेड़ों पर पूरी तैयारी के साथ अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने का प्रयत्न करें। सभी सदस्य अपने संसदीय दायित्व को निभाते हुए जनता की कठिनाइयों का निदान करने और उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति करवाने के काम में प्रयत्नशील रहकर समितियों की उपयोगिता बढ़ाएं। सच्चे मायने में यही जनसेवा हो सकती है।