यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Haryana: कोच से यौन-उत्पीड़न मामले में मंत्री संदीप सिंह के खिलाफ चालान पेश, छेड़छाड़ सहित विभिन्न धाराएं दर्ज
आठ महीने बाद महिला जूनियर कोच से यौन-उत्पीड़न मामले में आरोपित हरियाणा के मंत्री संदीप सिंह के खिलाफ शुक्रवार को चंडीगढ़ पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टीगेशन ...और पढ़ें

HighLights
- आठ माह बाद महिला कोच से यौन-उत्पीड़न मामले में मंत्री संदीप सिंह के खिलाफ चालान पेश
- पुलिस ने आइपीसी की धारा 342, 354, 354ए, 354बी, 506 और 509 के तहत संदीप आरोपित बनाया
- सीजेएम की कोर्ट में चालान पेश, एसआइटी ने जांच बाद एफआइआर में जोड़ी थी आइपीसी की धारा 509
चंडीगढ़,कुलदीप शुक्ला। आठ महीने बाद महिला जूनियर कोच से यौन-उत्पीड़न मामले में आरोपित हरियाणा के मंत्री संदीप सिंह के खिलाफ शुक्रवार को चंडीगढ़ पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआइटी) ने सीजेएम की कोर्ट में चालान पेश कर दिया। चंडीगढ़ पुलिस ने संदीप सिंह को आइपीसी की धारा 342, 354, 354ए, 354बी, 506 और 509 के तहत केस में आरोपित बनाया है। अब चालान में शामिल आरोपों पर बहस शुरू होगी। कोर्ट की अगली सुनवाई में संदीप सिंह को पेश होना ही पड़ेगा।
26 दिसंबर 2022 को जूनियर महिला कोच ने हरियाणा के मंत्री संदीप सिंह के खिलाफ यौन-उत्पीड़न सहित अन्य आरोप के तहत चंडीगढ़ पुलिस में शिकायत दी। जांच के बाद 31 दिसंबर की रात 11 बजे सेक्टर-26 थाने में संदीप सिंह के खिलाफ आइपीसी की धारा 342, 354, 354ए, 354बी, 506 के तहत पुलिस ने केस दर्ज किया था। इसके बाद डीएसपी इस्ट पलक गोयल के सुपरविजन में मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम गठित की गई। इसमें साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रंजीत सिंह, महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर उषा और महिला एसआइ किरंता को शामिल किया गया था। एसआइटी की जांच के बाद संदीप सिंह के खिलाफ पुलिस ने आइपीसी की धारा 509 भी जोड़ी दी थी।
महिला कोच हो चुकी निलंबित
इस मामले में आठ महीने की पुलिस जांच के दौरान पीड़िता महिला कोच ने कई बार हरियाणा सरकार के दबाव में चंडीगढ़ पुलिस पर चालान में देरी करने का आरोप लगाया है। इस दौरान हरियाणा खेल विभाग के कुछ पदाधिकारियों के खिलाफ एक करोड़ रुपये का आफर देने का आरोप लगाकर पीड़िता ने शिकायत भी दी। वहीं, हाल में ही खेल विभाग की तरफ से महिला कोच को निलंबित करने का आदेश जारी किया गया है। इस निलंबन प्रक्रिया को भी गलत बताकर पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में अपील करने का बयान पीड़िता दे चुकी है।
पुलिस ने धारा 376,511 नहीं जोड़ी - वकील
पीड़िता पक्ष के वकील दीपांशु बंसल ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस ने महिला कोच के लगातार लड़ाई के बाद तकरीबन आठ महीने में चालान पेश किया है। अब पीड़िता को न्याय मिलना चाहिए। वहीं, दिपांशू बंसल ने कहा कि इस केस में संदीप सिंह के खिलाफ पीड़िता ने जबरन दुष्कर्म की कोशिश की भी शिकायत दी है। लेकिन चंडीगढ़ पुलिस ने मामले में आइपीसी की धारा 376 और 511 नहीं जोड़ी है। अब आरोप तय के दौरान इन धाराओं को जोड़ने पर बहस करेंगे।