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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    हरियाणा के डॉक्टरों के लिए जरूरी खबर, शिक्षकों की तरह ऑनलाइन हुआ करेंगे ट्रांसफर; पॉलिसी बनाने के लिए कमेटी गठित

    Updated: Thu, 28 Nov 2024 07:03 PM (IST)

    Haryana Doctors Transfer हरियाणा सरकार डॉक्टरों के लिए ऑनलाइन तबादला नीति बनाने जा रही है। इसके लिए तीन अधिकारियों की कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी ...और पढ़ें

    हरियाणा में डॉक्टरों के ऑनलाइन हुआ करेंगे ट्रांसफर (जागरण फाइल फोटो)
    हरियाणा में डॉक्टरों के ऑनलाइन हुआ करेंगे ट्रांसफर (जागरण फाइल फोटो)

    HighLights

    1. स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव आदित्य दहिया, डॉ. मनीष बंसल और डॉ. निशिकांत कमेटी में शामिल
    2. साल 2016 में भी हुआ था आनलाइन तबादलों का प्रयास, मगर अनिल विज ने लगा दी थी रोक
    3. हरियाणा के डॉक्टर ऑनलाइन ट्रांसफर की मांग लंबे अरसे से कर रहे हैं

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में अब शिक्षकों की तरह डॉक्टरों के भी ऑनलाइन तबादले हो सकेंगे। प्रदेश सरकार डाक्टरों के ऑनलाइन तबादलों के लिए एक पॉलिसी तैयार करने जा रही है। इसके लिए तीन अधिकारियों की कमेटी का गठन कर दिया गया है। कमेटी को एक माह के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को देनी होगी।

    अधिकारियों की यह कमेटी इस बात का भी पता लगाएगी कि देश के किसी राज्य में डॉक्टरों के ऑनलाइन तबादलों की व्यवस्था है या नहीं। यदि किसी राज्य में डाक्टरों के ऑनलाइन तबादले होते हैं तो कमेटी वहां जाकर उन तबादलों की प्रक्रिया को भी समझेगी।

    शिक्षकों की ऑनलाइन तबादला पॉलिसी सबसे पहले की थी तैयार

    हरियाणा सरकार ने देश में सबसे पहले शिक्षकों के ऑनलाइन तबादलों की पॉलिसी तैयार की थी। इस पॉलिसी की सराहना स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की थी, जिसके बाद उत्तर प्रदेश समेत कई भाजपा शासित राज्यों ने हरियाणा के शिक्षकों की ऑनलाइन तबादला पॉलिसी को अपने-अपने राज्यों में लागू किया था।

    पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कार्यकाल में यह पॉलिसी बनी थी। उस समय पीके दास शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव थे, जो अब रिटायर हो चुके हैं और बिजली विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

    डॉक्टर लंबे समय से कर रहे थे मांग

    हरियाणा के सरकारी डॉक्टर लंबे समय से चाहते थे कि उनके तबादले ऑनलाइन होने चाहिए, ताकि इन तबादलों में राजनीतिक हस्तक्षेप को बिल्कुल कम किया जा सके। अभी दुर्भावना में डॉक्टरों को ऐसे स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया जाता है, जहां उनके लिए कोई सुविधा नहीं होती।

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    प्रदेश सरकार ने साल 2016 में भी ऑनलाइन तबादला नीति बनाने की पहल की थी, लेकिन तब वह कामयाब नहीं हो सकी थी। उस समय अनिल विज राज्य के स्वास्थ्य मंत्री थे।

    उस समय ट्रायल के तौर पर स्वास्थ्य विभाग में 482 डॉक्टरों के ऑनलाइन तबादले किए गये थे, लेकिन तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने यह कहते हुए इन तबादलों पर रोक लगा दी थी कि तबादलों का डाटा अपलोड किए जाने में मिल रही अनियमितताओं के मद्देनजर यह रोक लगाई गई है। कुछ कपल (पति-पत्नी) के तबादलों संबंधी पूरा डाटा नहीं होने की वजह से भी यह रोक लगाई गई थी।

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    पॉलिसी तैयार करने के लिए बनी तीन सदस्यीय कमेटी

    हरियाणा के स्वास्थ्य सचिव सुधीर राजपाल ने डॉक्टरों के ऑनलाइन तबादलों की पॉलिसी तैयार करने के लिए जो तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है, उसे स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव आदित्य दहिया लीड करेंगे।

    कमेटी में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल और स्वास्थ्य महानिदेशालय में तैनात एसएमओ डॉ. निशिकांत को सदस्य के रूप में रखा गया है। सुधीर राजपाल ने अपने आदेश में कमेटी को निर्देशित किया है कि राज्य में पीजीटी (पोस्ट ग्रेजुएट शिक्षकों) की तर्ज पर ऑनलाइन तबादला नीति को तैयार किया जाना चाहिए।

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