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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Haryana Election 2024: कांग्रेस को 7 टुकड़ों में क्यों जारी करनी पड़ी उम्मीदवारों की सूची? SP-AAP से किनारा, CPIM का साथ

    Updated: Fri, 13 Sep 2024 02:50 PM (IST)

    Haryana Election 2024 हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने सभी 90 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने 89 तो सीपीआईएम को एक सीट मि ...और पढ़ें

    Haryana Election 2024: कांग्रेस को 7 टुकड़ों में क्यों जारी करनी पड़ी उम्मीदवारों की सूची? जानिए।
    Haryana Election 2024: कांग्रेस को 7 टुकड़ों में क्यों जारी करनी पड़ी उम्मीदवारों की सूची? जानिए।

    HighLights

    1. सोहना से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे जितेंद्र भारद्वाज।
    2. उनकी गिनती प्रमुख ब्राह्मण नेताओं व हुड्डा के विश्वासपात्रों में होती है।
    3. जितेंद्र भारद्वाज की कांग्रेस के दिल्ली दरबार में भी अच्छी पकड़ है।

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने सात टुकड़ों में अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की है। समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करने वाली कांग्रेस ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआइएम) को सिर्फ एक सीट दी है।

    माकपा की राज्य कमेटी ने अपने पोलित ब्यूरो को कम से कम 15 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन पोलित ब्यूरो के साथ चर्चा में कांग्रेस सिर्फ एक ही विधानसभा सीट देने को तैयार हुई है। यह विधानसभा सीट भिवानी की है, जिस पर माकपा ने ओमप्रकाश को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।

    इस वजह से कांग्रेस को ऐसा करना पड़ा

    वीरवार को नामांकन भरने का अंतिम दिन था। तीन बजे तक नामांकन दाखिल किए जाने थे, लेकिन कांग्रेस की आखिरी सूची दोपहर सवा दो बजे तक आती रही। कांग्रेस ने सात टुकड़ों में अपनी सूची को जारी किया। आरंभ में तीन सूचियां जारी करने के बाद कांग्रेस ने रणनीतिक ढंग से सूचियों को जारी करने पर रोक लगा दी थी।

    आशंका थी कि यदि सूचियां जल्दी जारी कर दी गई तो टिकट से वंचित रहने वाले दावेदारों में असंतोष पैदा हो सकता है। इसलिए बाकी बचे उम्मीदवारों की बड़ी सूची बुधवार रात साढ़े 11 बजे के आसपास जारी की गई।

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    सुबह होने तक कई ऐसे नेता कांग्रेस छोड़ गए, जिन्हें टिकट नहीं मिले थे। कांग्रेस ने करीब सवा दो बजे अपनी अंतिम सूची जारी की, जिसमें भिवानी सीट पर सीपीआइएम के साथ गठबंधन की जानकारी देने के साथ ही सोहना सीट से रोहताश खटाना को उम्मीदवार बनाने की सूचना थी।

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    जितेंद्र भारद्वाज के टिकट पर कैंची

    हरियाणा कांग्रेस के कार्यकारी प्रधान जितेंद्र भारद्वाज पिछले काफी समय से सोहना से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। जितेंद्र की गिनती राज्य के प्रमुख ब्राह्मण नेताओं व हुड्डा के विश्वासपात्रों में होती है। जब सूची में उनका नाम शामिल नहीं हुआ तो वह नाराज हो गए।

    जितेंद्र भारद्वाज की कांग्रेस के दिल्ली दरबार में भी अच्छी पकड़ है, जिस कारण उनके विरोधी हुड्डा को यह समझाने में कामयाब रहे कि यदि जितेंद्र भारद्वाज टिकट हासिल करने में कामयाब हो गए तो उनकी पकड़ दिल्ली दरबार में और मजबूत हो सकती है। ऐसे में उनकी टिकट पर कैंची चल गई।

    टिकट कटने से नाराज जितेंद्र ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता हार नहीं मानूंगा को अपने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट किया है।

    कांग्रेस ने इस तरह से जारी की सात सूचियां

    • कांग्रेस ने बुधवार को देर रात 40 उम्मीदवारों की लिस्ट एक साथ जारी की।
    • इससे पहले पार्टी ने पहली सूची में 31, दूसरी में एक और तीसरी सूची में नौ उम्मीदवार घोषित किए। वीरवार तड़के चौथी सूची में छह प्रत्याशियों की घोषणा की गई।
    • वीरवार को नामांकन-पत्र दाखिल करने से पौने घंटा पहले तक दो सूचियों में दो उम्मीदवार घोषित किए।
    • अंतिम सूची में सीपीआइएम के साथ गठबंधन की घोषणा की।

    क्षमा साथियों! सेवा, तपस्या, समर्णप और निष्ठा हार गई

    2019 में जजपा के टिकट पर सोहना से चुनाव लड़ चुके रोहताश खटाना ने वीरवार को कांग्रेस की सदस्यता हासिल की। कांग्रेस ज्वाइन करते ही पार्टी ने उन्हें अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। टिकट कटने के बाद जितेंद्र भारद्वाज ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट कर अपना दर्द बयां किया।

    लिखा, क्षमा साथियों! आज सेवा, तपस्या, समर्णप और निष्ठा हार गई है। भाजपा ने सोहना से इस बार तेजपाल तंवर को टिकट दिया है। तेजपाल 2014 में सोहना से विधायक बने थे। 2019 में भाजपा ने उनका टिकट काटकर संजय सिंह को चुनाव लड़वाया था। संजय सिंह जीत गए। इस बार भाजपा ने उन्हें सोहना के बजाय नूंह से विधानसभा का टिकट दिया है।

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