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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Haryana: पूर्व सीएम हुड्डा बोले - खाद-बीज-एमएसपी और मुआवजा देने में नाकाम रही सरकार, जानें और क्या कहा

    By Jagran NewsEdited By: Monu Kumar Jha
    Updated: Tue, 24 Oct 2023 10:04 AM (IST)

    Haryana News पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा की भाजपा (BJP) सरकार पर जुबानी हमला किया। उन्होंने कहा कि किसान डीएपी खाद की किल्लत और ...और पढ़ें

    पूर्व सीएम हुड्डा ने मनोहर लाल सरकार पर किया जुबानी हमला। फाइल फोटो
    पूर्व सीएम हुड्डा ने मनोहर लाल सरकार पर किया जुबानी हमला। फाइल फोटो

    HighLights

    1. पूर्व सीएम हुड्डा बोले - खाद-बीज-एमएसपी और मुआवजा देने में नाकाम रही सरकार
    2. बीमा कंपनियों ने क्लस्टर-दो के किसानों को मुआवजा देने से किया इनकार-हुड्डा
    3. सरकार ने कंपनियों के खिलाफ नहीं लिया कोई एक्शन

    राज्य ब्यूरो, पंचकूला। Haryana News: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा (Bhupindra Singh Hudda) का कहना है कि प्रदेश के किसान डीएपी खाद की किल्लत और कालाबाजारी से जूझ रहे हैं। खाद की आपूर्ति बढ़ाने की मांग उठाते हुए हुड्डा ने कहा कि आलू की बुआई शुरू हो गई है।

    अब सरसों के बाद गेहूं की बिजाई शुरू होगी, लेकिन सरकार द्वारा किए जा रहे खाद की उपलब्धता के सभी दावों की अभी से पोल खुल गई है। किसानों को खाद के लिए घंटों लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है।

    हुड्डा ने कहा कि सरकार (BJP) ना किसानों को वक्त पर खाद दे पा रही हैं, ना एमएसपी (MSP) और ना ही मुआवजा। सरकार द्वारा कागजों में खाद के भंडार दिखाए जा रहे हैं, लेकिन वह किसानों तक नहीं पहुंच रहे। इससे स्पष्ट है कि खाद की कालाबाजारी हो रही है।

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    बीमा कंपनियों ने क्लस्टर-दो के किसानों को मुआवजा देने से किया इनकार-हुड्डा

    हुड्डा ने कहा कि बीमा कंपनियों ने क्लस्टर-दो यानी अंबाला, हिसार, गुरुग्राम, जींद, करनाल, महेंद्रगढ़ और सोनीपत के किसानों को मुआवजा देने से साफ इनकार कर दिया है।

    सरकार ने कंपनियों के खिलाफ नहीं लिया कोई एक्शन

    बीमा प्रीमियम दिए जाने के बावजूद लाखों एकड़ फसल की बर्बादी का सारा बोझ किसानों के कंधों पर डाल दिया गया है। सरकार ने कंपनियों के खिलाफ कोई एक्शन लेने की बजाए बैंकों को प्रीमियम वापस लौटाने के निर्देश दिए हैं।

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