मंत्री पंवार ने पंचकूला महिला थाने की SHO और ASI को किया सस्पेंड, बोले-इनको कानून के ज्ञान की जरूरत
हरियाणा के मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने पंचकूला में दहेज प्रताड़ना मामले की जांच में लापरवाही पर महिला थाना प्रभारी और एएसआई को निलंबित करने का आदेश दिया ...और पढ़ें

जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने जारी किए निलंबन के आदेश।
HighLights
डीसीपी ने सुझाव दिया कि पहले मामले की जांच कर ली जाए।
मंत्री बोले- जांच में भूमिका नहीं मिलती है तो बहाल कर देना।
तीन अन्य अधिकारियों को बैठक से अनुपस्थित रहने पर नोटिस।
जागरण संवाददाता, पंचकूला। दहेज प्रताड़ना केस में ढिलाई पर हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने पंचकूला महिला थाने की प्रभारी राजेश कुमारी और एएसआई कविता को निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोनों अधिकारियों का मुख्यालय भौंडसी रखने की सिफारिश की। डीसीपी के जांच करवाने के तर्क पर कहा कि एसएचओ और एएसआई को कानून के ज्ञान की जरूरत है।
मंत्री पंवार सोमवार को सेक्टर-1 स्थित पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में शिकायतें सुन रहे थे। इस दौरान सेक्टर-15 निवासी मनीषा कुमारी ने बताया कि ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया था।
जांच के दौरान पुलिस ने उनके ससुर का नाम केस में शामिल नहीं किया, जबकि उन्होंने छह लाख रुपये लेने के सबूत भी उपलब्ध कराए थे। इसके बावजूद जांच अधिकारी ने उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की।
सुनवाई के दौरान मंत्री ने पाया कि शिकायत की निष्पक्ष जांच नहीं की गई। उन्होंने कहा कि मामले का एक आरोपित पुलिसकर्मी है, जो वर्तमान में यमुनानगर सीआईए में तैनात है।
मंत्री ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पुलिस ने सही तरीके से कार्रवाई नहीं की और तत्काल थाना प्रभारी राजेश कुमारी तथा एएसआई कविता को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। बैठक में मौजूद डीसीपी अदिति ने सुझाव दिया कि पहले मामले की जांच कर ली जाए।
डीसीपी के तर्क पर मंत्री ने स्पष्ट कहा कि इनको आज ही सस्पेंड करता हूं। अगर जांच में इनकी कोई भूमिका नहीं मिलती है तो इन्हें फिर बहाल कर देना, लेकिन आज ये सस्पेंड होंगी।
तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस
ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में अनुपस्थित रहने पर मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने पंचायती राज विभाग के एक्सईएन, एचएसआईआईडीसी के एक्सईएन और जिला बाल कल्याण अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तीनों अधिकारी बिना पूर्व सूचना के बैठक में नहीं पहुंचे और न ही मंत्री या उपायुक्त को अपने अनुपस्थित रहने की जानकारी दी। मंत्री ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए स्पष्टीकरण तलब करने के आदेश दिए।