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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Haryana News: किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, 24 फसलों की MSP पर मिली खरीद की गांरटी; नायब सरकार ने किया लागू

    Updated: Sat, 21 Dec 2024 11:00 PM (IST)

    हरियाणा के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। किसानों की 24 फसलों को एमएसपी पर खरीद की गारंटी सरकार ने दे दी है। एमएसपी पर पहले से 14 फसलें खरीद ...और पढ़ें

    Haryana News: एमएसपी पर पहले से 14 फसलें खरीद रहीं सरकारी एजेंसियां।
    Haryana News: एमएसपी पर पहले से 14 फसलें खरीद रहीं सरकारी एजेंसियां।

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में पंजाब की सीमा से सटे शंभू बॉर्डर (अंबाला) और खनौरी बॉर्डर (जींद) पर किसानों के धरने-प्रदर्शन जारी हैं। पंजाब के किसान जहां केंद्र सरकार से फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी लेने के लिए दिल्ली कूच की जिद को लेकर बॉर्डर पर जमे हुए हैं। 

    वहीं, हरियाणा में किसानों की 24 फसलों को एमएसपी पर खरीद की गारंटी सरकार ने दे दी है। एमएसपी पर पहले से 14 फसलें खरीद रही सरकारी एजेंसियां 10 और फसलों को एमएसपी पर खरीदेंगी। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राजा शेखर वुंडरू ने 24 फसलों की एमएसपी पर खरीद के लिए अधिसूचना जारी कर दी है।

    विधानसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले पांच अगस्त को मुख्यमंत्री नायब सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में एमएसपी पर जिन फसलों को खरीदने का निर्णय लिया गया था, अधिसूचना जारी होने से उसे अब सिरे चढ़ाया जा सकेगा।

    ये फसलें एमएसपी में शामिल

    रागी, सोयाबीन, नाइजरसीड, कुसुम, जौ, मक्का, ज्वार, जूट, खोपरा, ग्रीष्म मूंग, धान, बाजरा, खरीफ मूंग, उर्द, अरहर, तिल, कपास, मूंगफली, गेहूं, सरसों, चना, मसूर, सूरजमुखी और गन्ना शामिल हैं।

    केंद्र सरकार की ओर से भारतीय खाद्य निगम (एफसीआइ), भारतीय कपास निगम (सीसीआई), भारतीय जूट निगम (जेसीआई), केंद्रीय भंडारण निगम (सीडब्ल्यूसी), राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नैफेड), राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ (एनसीसीएफ) विभिन्न फसलों की खरीद करती हैं।

    विशेष बात यह कि हरियाणा में रागी, सोयाबीन, नाइजरसीड, कुसुम, जूट और खोपरा जैसी फसलें नहीं बोई जाती हैं, फिर भी इन्हें प्रदेश सरकार ने सूचीबद्ध फसलों में शामिल किया है। मक्का की कीमत आमतौर पर एमएसपी से अधिक होती है।

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    हालांकि, प्रदेश सरकार ने 2018-19, 2020-21 और 2021-22 में मक्का खरीदा था। सरकारी एजेंसियों ने कभी जौ नहीं खरीदा, क्योंकि बाजार मूल्य आमतौर पर निर्धारित एमएसपी से अधिक होता है। इसी तरह अरहर, उर्द, तिल, ज्वार की कीमतें भी एमएसपी से ऊंची बनी हुई हैं। मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत किसानों से ही एमएसपी पर फसलों की खरीद की जाएगी।

    आप और कांग्रेस सरकारें भी करें पहल: नायब सैनी

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दोहराया कि हरियाणा में किसानों की सभी फसलें एमएसपी पर खरीदी जा रही हैं। पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार और कांग्रेस शासित राज्यों की सरकारों को भी किसानों को सशक्त बनाने के लिए फसलों को एमएसपी पर खरीद का निर्णय लेना चाहिए।

    विशेषकर पंजाब के किसान समस्या से जूझ रहे हैं। इसलिए पंजाब सरकार को घोषणा करनी चाहिए कि किसानों की उपज एमएसपी पर खरीदेंगे।

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