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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Haryana News: अब हरियाणा के शहरों में बंद नहीं कर सकेंगे बालकनी, एक तरफ खुला छोड़ना होगा जरूरी

    Updated: Thu, 18 Jul 2024 01:23 PM (GMT+05:30)

    हरियाणा के शहरों में अब बॉलकनी के एक हिस्सा को खोलकर रखना अनिवार्य होगा। सुरक्षाब से बचने के लिए रेलिंग या फिर छोटी दीवार बना सकते हैं। लेकिन यह नियम ...और पढ़ें

    हरियाणा के शहरों में बंद नहीं कर सकेंगे बालकनी (जागरण फाइल फोटो)
    हरियाणा के शहरों में बंद नहीं कर सकेंगे बालकनी (जागरण फाइल फोटो)

    HighLights

    1. हरियाणा बिल्डिंग कोड-2017 में बदलाव की तैयारी
    2. हितधारकों से 15 अगस्त तक आपत्तियां और सुझाव मांगें
    3. इमारतों को दो श्रेणियों बांटा गया- कम जोखिम और हाई रिस्क

    सुधीर तंवर, चंडीगढ़। हरियाणा के शहरों में सेक्टरों और कॉलोनियों में फ्लैट में बालकनी को पूरी तरह बंद नहीं कर सकेंगे। बालकनी को एक तरफ से खुला रखना अनिवार्य होगा।

    हालांकि, सुरक्षा के लिए रेलिंग या छोटी दीवार जरूर बनाई जा सकेगी। नगर एवं ग्राम आयोजन विभाग ने हरियाणा बिल्डिंग कोड-2017 में बदलाव की तैयारी कर ली है।

    विभाग के निदेशक अमित खत्री ने नियमावली में संशोधन को लेकर आमजन और हितधारकों से 15 अगस्त तक आपत्तियां और सुझाव मांगें हैं।

    आवासीय प्लॉट के मामले में एक मंजिला इमारत के सामने 1.25 मीटर और दोमंजिला इमारत के आगे 1.5 मीटर रास्ता छोड़ना अनिवार्य रहेगा।

    आंतरिक प्रांगण का क्षेत्रफल 12 वर्गमीटर से हो कम

    भीतरी आंगन का क्षेत्रफल दीवार की ऊंचाई का पांचवें भाग के बराबर जरूर होना चाहिए। आंतरिक प्रांगण का क्षेत्रफल 12 वर्गमीटर से कम नहीं होगा।

    बाहरी प्रांगण की न्यूनतम चौड़ाई 2.4 मीटर से कम नहीं होगी। संशोधित नियमावली में फ्लोर एरिया अनुपात (एफएआर) में भी कुछ छूट का प्रविधान किया गया है।

    वेंटिलेशन शाफ्ट, बालकनी (1.8 मीटर तक), पोर्च, खुला रैंप या सीढ़ियां, स्काई ब्रिज और स्काई वाक (5.5 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले), फायर लिफ्ट को एफएआर से बाहर रखा गया है।

    दो श्रणियों में बांटी गईं इमारतें

    बिल्डिंगों को दो श्रेणियों कम जोखिम और हाई रिस्क में बांटा गया है। 16.5 मीटर तक ऊंचाई के आवासीय प्लॉट और 30 मीटर तक की ऊंचाई की औद्योगिक इमारतें (सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी इकाइयों, साइबर पार्क, साइबर सिटी को छोड़कर) को कम जोखिम वाले भवनों में रखा गया हैं। अन्य सभी इमारतें उच्च जोखिम श्रेणी में शामिल रहेंगी।

    शॉपिंग क्षेत्र में कुल साइट क्षेत्र की 65 प्रतिशत जगह पार्किंग, खुले क्षेत्र और दूसरे कार्यों के लिए रखनी होगी। तीन हजार वर्ग मीटर से कम के औद्योगिक भूखंडों पर बेसमेंट में पार्किंग की अनुमति दी जा सकती है, बशर्तें कि स्वचालित मशीनीकृत कार लिफ्ट की सुविधा के साथ अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हों।

    खुली पार्किंग के लिए समतुल्य कार स्थान (ईसीएस) ईसीएस 23 वर्ग मीटर, स्टिल्ट पार्किंग के लिए 28 वर्ग मीटर, बेसमेंट पार्किंग के लिए 32 वर्ग मीटर और स्टैक पार्किंग के लिए 20 वर्ग मीटर होनी चाहिए। यदि भूतल पर स्टैक पार्किंग की जाती है तो वह ग्राउंड कवरेज में शामिल होगी।

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