यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Haryana Politics: नहीं थम रही कांग्रेस की आंतरिक कलह, भूपेंद्र हुड्डा के बाद चौधरी उदयभान ने दी कुमारी सैलजा को ये नसीहत
हरियाणा कांग्रेस में अंदरूनी कलह सार्वजनिक रूप से सामने आ गई है। लोकसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों के चयन को लेकर भूपेंद्र हुड्डा और सिरसा से पार्ट ...और पढ़ें

HighLights
- हरियाणा में हुड्डा और सैलजा गुट आमने-सामने
- प्रदेश अध्यक्ष उदयभान चौधरी ने भी सैलजा को दी नसीदत
- पार्टी हाईकमान से शिकायत करने की कही बात
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के लोकसभा चुनाव में टिकटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस महासचिव एवं सांसद कुमारी सैलजा द्वारा टिकटों का वितरण सही ढंग से नहीं होने के आरोप लगाने के बाद जहां पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा उनके दावे को खारिज कर चुके हैं।
अब हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष चौधरी उदयभान ने रविवार को कहा है कि कुमारी सैलजा की उपस्थिति में हुई बैठक में ही टिकटों के लिए उम्मीदवारों के नाम फाइनल हुए थे। उन्हें अगर कोई शिकायत है तो पार्टी प्लेटफार्म पर कांग्रेस हाईकमान के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज करानी चाहिए।
इन सीटों के टिकट वितरण पर उठाए थे सवाल
कुमारी सैलजा ने करनाल, गुरुग्राम, भिवानी-महेंद्रगढ़ और सोनीपत की टिकटों पर सवाल उठाए थे। सैलजा ने कहा था कि यदि कांग्रेस में टिकटों का आवंटन सही ढंग से होता तो कांग्रेस सभी लोकसभा सीटें जीत सकती थी। सैलजा का इशारा हुड्डा की तरफ था, जिसमें बाद हुड्डा ने जवाब दिया था कि टिकटों का वितरण उन्होंने नहीं, बल्कि कांग्रेस हाईकमान ने किया है।
सैलजा को कांग्रेस हाईकमान के फैसले पर यदि कोई ऐतराज है तो उन्हें वहां जाकर बताना चाहिए। हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष चौधरी उदयभान ने रविवार को पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर जिलों के कार्यकर्ता सम्मेलनों से पहले कुमारी सैलजा पर जोरदार हमला बोला।
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चौधरी उदयभान ने कुमारी सैलजा को दी ये सलाह
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यदि सैलजा को लगता है कि कांग्रेस के उम्मीदवार कमजोर थे तो इसके लिए वे दोषी है। सैलजा कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और कांग्रेस वर्किंग कमेटी की सदस्य हैं। वे कांग्रेस की बैठकों में मौजूद थीं। कांग्रेस नेतृत्व के फैसलों पर टीका टिप्पणी करना किसी भी नेता के लिए उचित नहीं है।
सैलजा पार्टी की वरिष्ठ नेता हैं। विभिन्न प्रदेशों का प्रभार भी उनके पास रहा है। कांग्रेस पार्टी का कोई बड़ा नेता ऐसे बयान देता है तो पार्टी के निचले कार्यकर्ताओं में गलत संदेश जाता है। सैलजा के विरुद्ध कार्रवाई से जुड़े सवाल पर उदयभान ने कहा कि वे वरिष्ठ नेता हैं।
उनके विरुद्ध किसी तरह की कार्रवाई मेरे दायरे में नहीं आती। मैं उन्हें कोई नोटिस नहीं दे सकता। लेकिन सलाह जरूर दे सकता हूं कि उन्हें पार्टी प्लेटफार्म पर ही पार्टी की बात कहनी चाहिए।
'सैलजा के बयान से कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटता है'
चौधरी उदयभान ने कहा कि सैलजा जिस तरह के बयान दे रही हैं, ऐसे बयानों से कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटता है। उन्हें कांग्रेस हाईकमान के फैसलों पर सार्वजनिक टीका-टिप्पणी करने की बजाय अगर कोई शिकायत है तो हाईकमान के पास जाना चाहिए। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि सैलजा के द्वारा की जा रही टिप्पणियों के संबंध में वे हाईकमान से बात करेंगे।
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किरण चौधरी को बताया विश्वासघाती
किरण चौधरी के भाजपा में शामिल होने से जुड़े सवाल पर उदयभान ने कहा कि अगर घर में कोई विश्वासघाती हो जाए तो उसका चले जाना ही ठीक होता है। उदयभान पहले भी राज्यसभा चुनाव में किरण चौधरी की भूमिका पर सवाल उठा चुके हैं।
अजय माकन ने तो अपनी हार के लिए सीधे तौर पर किरण चौधरी को जिम्मेदार ठहराया था। उदयभान ने दावा किया कि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में दूसरे दलों के 42 वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक और पूर्व विधायक कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं।