Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    हर तीन किमी पर गैंगमैन की निगरानी, कालका-शिमला रेल मार्ग पर बढ़ाई सुरक्षा; मलबा या चट्टान गिरते ही पहुंचेगी सूचना

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 07:10 AM (IST)

    मानसून में भूस्खलन के खतरे को देखते हुए कालका-शिमला रेल मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दो दर्जन से अधिक गैंगमैन हर तीन किलोमीटर पर ट्रैक ...और पढ़ें

    कालका-शिमला रेल मार्ग पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए।

    कालका-शिमला रेल मार्ग पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए।

    HighLights

    1. मानसून में भूस्खलन रोकने को सुरक्षा बढ़ी।

    2. दो दर्जन से अधिक गैंगमैन तैनात किए।

    3. भूस्खलन से रेल सेवा होती रही प्रभावित।

    राजकुमार, कालका (पंचकूला)। मानसून के दौरान भूस्खलन की आशंका को देखते हुए रेलवे ने कालका-शिमला रेल मार्ग पर सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं। वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल इस मार्ग पर दो दर्जन से अधिक गैंगमैन तैनात किए गए हैं, जो पूरे ट्रैक पर लगातार पेट्रोलिंग करेंगे।

    उनका मुख्य कार्य ट्रैक पर मलबा या चट्टान गिरने जैसी किसी भी स्थिति की तत्काल सूचना रेलवे स्टेशन और कंट्रोल तक पहुंचाना होगा, ताकि समय रहते ट्रेनों का संचालन रोका जा सके और संभावित हादसों से बचा जा सके।

    रेलवे अधिकारियों के अनुसार, मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में हर तीन किलोमीटर के दायरे में गैंगमैन की तैनाती की गई है।

    दो गैंगमैन एक-दूसरे की ओर से ट्रैक पर गश्त करते हुए पूरे मार्ग की निगरानी करेंगे। उनके पास पेट्रोलिंग काॅपी भी होगी, जिसमें निरीक्षण के दौरान दर्ज की गई जानकारी का रिकाॅर्ड रखा जाएगा।

    पिछले दो दशकों में इस मार्ग पर भारी भूस्खलन के कारण रेल सेवा प्रभावित रही है। जुलाई 2013 में भारी बारिश के दौरान एक पुल बह गया था, जिससे ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया था। उस समय कालका-शिमला टॉय ट्रेन सेवा एक महीने से अधिक समय तक बाधित रही थी।