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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Haryana Lok Sabha Election: INLD ने खोया मुकाम पाने के लिए बसपा से मिलाया हाथ, BSP का चुनावी वोट बदल सकता है खेल

    Updated: Thu, 21 Mar 2024 03:17 PM (IST)

    Haryana Lok Sabha Election 2024 लोकसभा चनुाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है। इनेलो ने हरियाणा में अपना खोया मुकाम हासिल करने के लिए बसपा से ...और पढ़ें

    INLD ने खोया मुकाम हासिल करने को बसपा से मिलाया हाथ (फाइल फोटो)
    INLD ने खोया मुकाम हासिल करने को बसपा से मिलाया हाथ (फाइल फोटो)

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। Haryana Lok Sabha Election 2024: राष्ट्रीय राजनीति में खोया मुकाम हासिल करने की कवायद में जुटी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) ने अब बहुजन समाज पार्टी (BSP) की ओर राजनीतिक मेल मिलाप का हाथ बढ़ाया है। समझौता सिर चढ़ा तो करीब 26 साल बाद दोनों राजनीतिक पार्टियां हरियाणा में लोकसभा चुनाव साथ लड़ती नजर आएंगी।

    धर्मनगरी कुरुक्षेत्र से पूर्व उपप्रधानमंत्री स्वर्गीय देवीलाल के पौत्र और पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके ओमप्रकाश चौटाला के पुत्र अभय सिंह चौटाला को उम्मीदवार बनाने के बाद इनेलो की रणनीति अगली पीढ़ी के करण सिंह चौटाला को भी हिसार से चुनाव मैदान में उतारने की है।

    अभय सिंह चौटाला ने गठबंधन के लिए खुद की पहल

    बसपा सुप्रीमो कुमारी मायावती को बुआ मानने वाले अभय सिंह चौटाला ने गठबंधन के लिए खुद पहल की है। बसपा का हरियाणा में परंपरागत वोट बैंक है, जो चुनावी खेल बना और बिगाड़ सकता है। लोकसभा चुनाव में आखिरी बार इनेलो और बसपा वर्ष 1998 में साथ मिलकर लड़े थे, जब गठबंधन ने पांच सीटें जीती।

    इनेलो ने सात और बसपा ने तीन लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा और इनेलो से कुरुक्षेत्र से कैलाशो देवी, सिरसा से सुशील कुमार इंदौरा, हिसार से सुरेंद्र सिंह बरवाला, सोनीपत से किशन सिंह सांगवान और अंबाला से बसपा के अमन कुमार नागरा सांसद बनने में सफल रहे।

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    बसपा का दक्षिण हरियाणा में खासा वोट बैंक

    बसपा का जीटी रोड बेल्ट और दक्षिण हरियाणा में खासा वोट बैंक है। अंबाला और यमुनानगर के साथ ही जींद और उत्तर प्रदेश से सटे फरीदाबाद, नूंह, पलवल में अच्छा प्रभाव है। 2019 में हुए चुनाव में बसपा को 3.65 प्रतिशत और इनेलो को 1.9 प्रतिशत वोट मिले। वर्ष 2014 में मोदी लहर के बावजूद इनेलो सिरसा से चरणजीत सिंह रोड़ी और हिसार से दुष्यंत चौटाला (अब जजपा में) को संसद पहुंचाने में सफल रही थी। बसपा को भी तब 4.60 प्रतिशत वोट मिले थे।

    इंडियन नेशनल लोकदल से 111 उम्मीदवारों ने मांगा टिकट

    प्रत्याशियों के चयन के लिए इनेलो ने पांच सदस्यीय कमेटी बनाई हुई है। सभी जिलों से अभी तक चुनाव लड़ने के लिए 111 लोगों ने दावेदारी ठोकी है। पिछले लोकसभा चुनाव में कुरुक्षेत्र से छोटे बेटे अर्जुन सिंह चौटाला को चुनावी रण में उतार चुके अभय चौटाला इस बार हिसार से बड़े बेटे करण सिंह चौटाला को चुनाव लड़ाने की तैयारी में हैं।

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