पुराने और नए गुरुग्राम को जोड़ेगी मेट्रो, सेक्टर-33 में बनेगा अत्याधुनिक डिपो; 14 महीने में काम होगा पूराx
गुरुग्राम के सेक्टर-33 में अत्याधुनिक मेट्रो डिपो बनाने की तैयारी है, जिसके लिए निविदाएं 5 अगस्त को खोली जाएंगी और 14 महीने में निर्माण पूरा होगा। ...और पढ़ें

गुरुग्राम में बनेगा अत्याधुनिक सुविधाओं वाला मेट्रो डिपो।
HighLights
सेक्टर-33 में अत्याधुनिक मेट्रो डिपो का निर्माण
निविदाएं 5 अगस्त को खोली जाएंगी, 14 माह में पूरा
मेट्रो विस्तार, मरम्मत और रखरखाव में सहायक होगा
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के गुरुग्राम में मेट्रो विस्तार योजना के तहत सेक्टर -33 में मेट्रो डिपो बनाने की तैयारी है। इसके लिए निविदाएं डाली गई हैं, जिन्हें पांच अगस्त को खोला जाएगा। निर्माण कार्य के लिए तीन एजेंसियां सामने आई हैं। तय शर्तों पर एक एजेंसी को निर्माण कार्य का ठेका दिया जाएगा। 14 माह के अंदर मेट्रो डिपो तैयार किया जाना है। यहां पर मेट्रो की मरम्मत से लेकर धुलाई कार्य होगा।
गुरुग्राम में अभी मिलेनियम सिटी तक ही मेट्रो चल रही है। मेट्रो विस्तार की योजना के तहत पहले चरण में मिलेनियम सिटी मेट्रो स्टेशन से सेक्टर नौ, उसके बाद दूसरे चरण में सेक्टर नौ से सेक्टर 21 होते हुए साइबर सिटी तक मेट्रो चलाई जानी है। पहले चरण का कार्य करीब 34 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
दूसरे चरण के लिए जल्द टेंडर प्रकिया पूरी की जाएगी। सेक्टर नौ से साइबर सिटी तक 14 मेट्रो स्टेशन बनाए जाने हैं। स्टेशन के लिए जगह तय करने की प्रकिया चल रही है।
गुरुग्राम मेट्रो रेल कारपोरेशन ने 1514 वर्ग मीटर जगह सरकारी एजेंसियों से मांगी है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से जगह उपलब्ध कराई जा रही है। गुरुग्राम के सेक्टर-33 में बनने वाले अत्याधुनिक मेट्रो डिपो से पुराने और नए गुरुग्राम के बीच बेहतर और सुगम परिवहन व्यवस्था मिलेगी।
ट्रेनों की समय पर संभाल होगी और यातायात का दबाव कम होगा। मेट्रो संचालन और रखरखाव में सुधार हो सकेगा। अत्याधुनिक डिपो से मेट्रो ट्रेनों की नियमित जांच, सफाई और मरम्मत का काम तेजी से और बिना किसी रुकावट के हो सकेगा।
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ट्रेनों की तकनीकी जरूरतें समय पर पूरी होने से मेट्रो सेवाओं में देरी नहीं होगी और संचालन अधिक कुशल बनेगा। मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक के पूरे कारिडोर पर मेट्रो ट्रेनों का सुचारू संचालन सुनिश्चित होगा। शहर की सड़कों पर जाम की समस्या कम होगी और लोगों को एक भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन विकल्प मिलेगा।