यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 21, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नायब सरकार ने ग्रुप-डी कर्मचारियों की कर दी मौज, वर्दी के लिए अब एक साथ मिलेंगे इतने रुपये; जजों को 5 लाख अधिक ग्रेच्युटी
हरियाणा सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब सरकारी विभागों बोर्ड-निगमों और स्वायत्त निकायों में लगे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को व ...और पढ़ें

HighLights
- अभी तक हर महीने वेतन के साथ दिए जा रहे हैं 440 रुपये।
- चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अब एकमुश्त मिलेगा 5280 रुपये का वर्दी भत्ता।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में सरकारी विभागों, बोर्ड-निगमों और स्वायत्त निकायों में लगे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को वर्दी भत्ता अब किस्तों में मिलने की बजाय एक साथ मिलेगा। वर्तमान में वर्दी भत्ते के रूप में हर महीने 440 रुपये वेतन के साथ दिए जा रहे हैं।
अप्रैल से नया नियम लागू होगा, जिसके मुताबिक वर्दी का बिल देने पर वार्षिक आधार पर 5280 रुपये तक का भुगतान एक साथ किया जाएगा।
ग्रेच्युटी की सीमा को पांच लाख रुपये बढ़ा दिया
मुख्य सचिव की ओर से इस संबंध में सभी विभागों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। वहीं, वित्त विभाग ने प्रदेश सरकार के कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ ही न्यायिक सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए ग्रेच्युटी की सीमा को पांच लाख रुपये बढ़ा दिया है।
अभी तक जहां 20 लाख रुपये ग्रेच्युटी मिल रही थी, वहीं पहली जनवरी से 25 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी मिल सकेगी। इस तरह ग्रेच्युटी में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
क्या है ग्रेच्युटी का प्रविधान
लगातार पांच साल की नौकरी पूरी कर चुके कर्मचारी को ही ग्रेच्युटी का प्रविधान है। हालांकि, अगर किसी कर्मचारी की मौत हो जाती है या फिर दिव्यांगता की वजह से नौकरी छोड़नी पड़ती है तो फिर ऐसी स्थिति में ग्रेच्युटी पहले भी मिल सकती है।
अगर कोई कर्मचारी पांच साल के बाद नौकरी छोड़ देता है या उसे हटा दिया जाता है अथवा रिटायर कर दिया जाता है, तो भी वह ग्रेच्युटी का हकदार होगा है। नोटिस पीरियड भी ग्रेच्युटी की सेवा में गिना जाता है।
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कॉलोनी वासियों को दी बड़ी राहत
इससे पहले सीएम नायब सिंह सैनी ने कॉलोनी वासियों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने कहा कि शहर और कस्बों में वर्षों पहली बसी कॉलोनियों को अब समापन प्रमाणपत्र (कंप्लीशन सर्टिफिकेट) लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिन्हें आंशिक समापन प्रमाण पत्र मिला हुआ है। इससे बड़ी राहत मिलेगी।
प्रदेश सरकार ने कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने और विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए 50 साल पुराने नियमों में बदलाव किया है। विधि एवं विधायी विभाग ने हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास एवं विनियमन (संशोधन) विधेयक की अधिसूचना जारी कर दी है। यह विधेयक नगरीय क्षेत्रों के विकास और उनके नियमन से संबंधित है।