पानीपत समेत हरियाणा के 4 शहरों के विकास की नई रूपरेखा मंजूर, नारनौल में बनेंगे 20 नए सेक्टर; मिलेंगी कई आधुनिक सुविधाएं
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में नारायणगढ़, कुरुक्षेत्र, नारनौल और पानीपत के ड्राफ्ट डेवलपमेंट प्लान को मंजूरी मिली। ...और पढ़ें

पानीपत समेत हरियाणा के 4 शहरों के विकास की नई रूपरेखा मंजूर। फोटो जागरण
HighLights
नारायणगढ़-2031, कुरुक्षेत्र, नारनौल, पानीपत-2041 के प्लान मंजूर।
विकसित भारत-2047 विजन के अनुरूप शहरी विकास पर जोर।
आधुनिक जरूरतों, पर्यावरण संरक्षण, बेहतर परिवहन को प्राथमिकता।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में सुनियोजित शहरीकरण और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शहरों के विकास की दिशा में सोमवार को बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय समिति (एसएलसी) की बैठक में नारायणगढ़-2031 तथा कुरुक्षेत्र, नारनौल और पानीपत-2041 के ड्राफ्ट डेवलपमेंट प्लान को मंजूरी दी गई।
बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विकास योजनाएं विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप तैयार की जाएं और भविष्य की आबादी, आधुनिक शहरी जरूरतों, पर्यावरण संरक्षण, बेहतर परिवहन व्यवस्था तथा टिकाऊ शहरी विकास को प्राथमिकता दी जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विकास योजनाओं में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, बिजलीघर, एंटरटेनमेंट जोन और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए पर्याप्त प्रविधान सुनिश्चित किए जाएं, ताकि आने वाले वर्षों में नागरिकों को किसी प्रकार की आधारभूत सुविधा की कमी का सामना न करना पड़े।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव आरके खुल्लर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इन चारों शहरों के ड्राफ्ट डेवलपमेंट प्लान को मंजूरी मिलने के बाद हरियाणा में नियोजित शहरी विकास, औद्योगिक विस्तार और भविष्य की आधारभूत संरचना को नई गति मिलने की उम्मीद है।
नारायणगढ़ में छह नये रिहायशी सेक्टर
नारायणगढ़-2031 विकास योजना के तहत वर्ष 2031 तक अनुमानित 95 हजार की आबादी को ध्यान में रखते हुए छह नए रिहायशी सेक्टर विकसित किए जाएंगे। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग-72 के विकास के बाद पैदा हुई नई संभावनाओं, औद्योगिक क्षेत्र, प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था के संरक्षण और ग्रीन जोन पर आधारित विकास योजना प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों के बीच पर्याप्त दूरी रखी जाए, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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कुरुक्षेत्र में आइकॉनिक डेस्टिनेशन स्कीम
कुरुक्षेत्र-2041 विकास योजना में धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को केंद्र में रखा गया। मुख्यमंत्री ने ज्योतिसर क्षेत्र के संरक्षण, सरस्वती नदी के अनुरूप विकास, हरित क्षेत्रों के विस्तार और बाढ़ सुरक्षा उपायों पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने आइकानिक डेस्टिनेशन स्कीम के तहत प्रस्तावित 250 एकड़ क्षेत्र के लिए पर्याप्त भूमि आरक्षित करने के निर्देश दिए। साथ ही सरस्वती नदी के कैचमेंट एरिया में बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी योजना तैयार करने को कहा।
नारनौल में 20 नये सेक्टर बनेंगे
नारनौल-2041 विकास योजना के अंतर्गत 20 नए रिहायशी सेक्टर विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया। बैठक में एकीकृत मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब (आईएमएलएच) के अनुरूप औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने, नए बाईपास को योजना में शामिल करने तथा आवासीय, औद्योगिक, परिवहन और हरित क्षेत्रों के संतुलित विकास पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने वन क्षेत्रों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और कुछ क्षेत्रों को इको-टूरिज्म के लिए आरक्षित करने के निर्देश दिए।
पानीपत-शामली राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर एक-एक किलोमीटर तक औद्योगिक क्षेत्र
पानीपत-2041 विकास योजना में शहर की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2021 के मास्टर प्लान के अनुरूप शहर के दोनों ओर नए आवासीय क्षेत्र विकसित करने, सड़क नेटवर्क, एसटीपी, बूस्टिंग स्टेशन तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं पर विस्तार से विचार किया गया।
मुख्यमंत्री ने पानीपत-शामली राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर एक-एक किलोमीटर तक औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना तैयार करने को कहा। उन्होंने उद्योगों की जल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए रेनीवैल जैसी व्यवस्थाएं विकसित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में सेक्टर-34 स्थित पुरानी शुगर मिल की भूमि को स्पेशल जोन अथवा मिक्स यूज के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।